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पिता ने ठुकरायी माँग, तो पंचायत ने तोहफे में बनवाया शौचालय!

ब एक सोलह साल की सुनीथा की, घर में शौचालय बनवाने की माँग को उसके शराबी पिता ने ठुकरा दिया, तब गांव की पंचायत ने इस बच्ची के लिए एक दिन में शौचालय बनवाकर उसे तोहफे में दे दिया।

मुदिगेरे क्षेत्र के कुक्कोडू गांव में 16 साल की सुनिथा अपने पिता से कई दिनों से घर में शौचालय बनवाने की जिद्द कर रही थी। लेकिन उसके शराबी पिता ने उसे इस बात के लिये साफ़ इंकार कर दिया। अपनी पूरी कमाई शराब में उड़ा देने के कारण वह उसकी इस माँग के लिये राजी नहीं हुआ।

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परिस्थितियों से हारकर सुनिथा ने अपनी बात ग्राम पंचायत के सामने रखी। गांव में पंचायत के एक कार्यकर्ता एम.एन गुरुदत्थ की अध्यक्षता में एक टीम दौरे के लिए आई तब सुनिथा ने अपनी बात उनके सामने रखी। पंचायत के लोगों ने सुनिथा के पिता शेशे गौड़ा को समझाने की बहुत कोशिश की और स्वच्छ भारत अभियान से फण्ड जुटाने के लिए भी कहा, लेकिन उसने सारी बात अनसुनी कर दी। यह सब देखकर उसकी बेटी सुनिथा वहीं रोने लगी।

गुरुदत्थ ने  द हिन्दू  को बताया,“उस समय हम लोग वहां से आ गए लेकिन फिर हमने निर्णय लिया कि हम उस बच्ची को एक टॉयलेट बना कर देंगे। इसलिए हमने आस-पड़ोस में लोगों से मदद मांगी और एक दिन में उसे टॉयलेट बनाकर दिया। सुबह सुनिथा स्कूल गई थी लेकिन वापस आने पर उसे अपने घर पर एक टॉयलेट मिला।“

गुरुदत्थ का कहना है कि, ” हमने दो कारीगरों को बुलाया और दीवार बनवाने का काम शुरू करवा दिया। मैं उस बच्ची की खुशी आपको बता नहीं सकता। इस शौचालय को बनवाने में 22  हजार रूपए के खर्च को पूरा करने के लिए गुरुदत्थ सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भी अपने पास से पैसे दिए। तो वहीं स्वछ भारत अभियान के तहत सुनिथा की शिक्षा के लिए करीब 12 हजार की सब्सिडी भी दी गई है।“

मूल लेख -निशि मल्होत्रा


 

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Written by भाग्यश्री सिंह

भाग्यश्री सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढाई की है। इन्होंने लाइव इलाहाबाद टीवी चैनल में काम किया और साथ ही ये हेलो कैंपस न्यूज़ पोर्टल और कलाकारी क्रिएशन से भी जुडी हुयी हैं। भाग्यश्री अपने विचारों को लेख, कविता व कहानी के माध्यम से फेसबुक पेज “My thoughts My vision “ पर लोगों से साझा करती हैं। इन्हें घूमना बहुत पसंद है।

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