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घर से लाये डिब्बे में तेल, सूती बैग में दाल-चावल ले जाते हैं ग्राहक इस स्टोर से!

फ़िलहाल, इस स्टोर में 150 प्रोडक्ट्स हैं और आने वाले समय में, यह संख्या 300 तक हो जाएगी!

क्सर सुपर-मार्केट या फिर मॉल में आप भले ही सामान के लिए सूती बैग ले जाएँ, लेकिन फिर भी आपकी शॉपिंग एकदम पॉलिथीन-फ्री नहीं हो पाती है। क्योंकि सब्ज़ी या फिर खुले दाल-चावल और भी कई अन्य ज़रूरत की चीज़ें आपको वहां पर पहले से उपलब्ध छोटे-छोटे पॉलिथीन पैकेट्स में ही लेने पड़ते हैं।

जरा सोचिये अगर आप अपनी शॉपिंग में इस तरह की 10 अलग चीज़ें ले रहे हैं तो मतलब आप 10 पॉलिथीन का इस्तेमाल कर रहे हैं। फिर हम बिलकुल प्लास्टिक-फ्री सोसाइटी की बात कैसे कर सकते हैं?

ऐसे में, हैदराबाद में कारखाना इलाके की हैदराबाद एस्बेस्टस स्टाफ कॉलोनी में स्थित एक स्टोर ‘प्लास्टिक-फ्री सोसाइटी’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हो सकता है इस कॉलोनी की गलियों से गाड़ी से गुजरते हुए आप इस स्टोर को मिस कर दें, पर गूगल मैप आपको एकदम सही जगह पहुंचाएगा, आपको सर्च में बस नाम डालना है- सिकंदराबाद जीरो वेस्ट इको स्टोर, हैदराबाद!

जी हाँ, यह शहर का पहला ऐसा स्टोर है, जिसे शरू हुए ज़्यादा दिन नहीं हुए लेकिन पहले दिन से ही यह लोगों के बीच मशहूर होने लगा है!

फोटो साभार: ज्योति संचेती

इस स्टोर से आप सभी तरह के रेग्युलर ग्रोसरी प्रोडक्ट्स, जैसे चावल, दाल, तेल, मसाले और अन्य सामान, जैसे साबुन, टूथ पाउडर, स्क्रब आदि खरीद सकते हैं। ये सभी प्रोडक्ट्स आपको बिना किसी प्लास्टिक पैकेजिंग के मिलेंगें। इसलिए यहाँ पर खरीददारी करने जाने से पहले एक बात ध्यान में रखें कि यहाँ पर आपको पैकेजिंग के लिए खुद अपने कपड़े के बैग, स्टील के डिब्बे, या फिर बोतल लेकर जानी पड़ेगी।

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गोवा, चेन्नई और बंगलुरु में भी इस तरह के स्टोर उपलब्ध हैं, जो कि ‘नो प्लास्टिक’ पॉलिसी पर शुरू हुए हैं। हैदराबाद में शुरू हुए इस स्टोर के पीछे की प्रेरणा भी चेन्नई का इको-स्टोर है।

पेशे से चार्टेड अकाउंटेंट, पंकज संचेती चार महीने पहले ही चेन्नई से अपनी जॉब छोड़कर हैदराबाद शिफ्ट हुए हैं। चेन्नई में वह इको-स्टोर से ही अपने घर के लिए खरीददारी करते थे। लेकिन जब पंकज हैदराबाद आये तो उन्हें यहाँ पर इको-स्टोर की कमी बहुत खली। जब भी वह शॉपिंग पर जाते तो उनके मन में खेद रहता कि वह इतना ज़्यादा पॉलिथीन, प्लास्टिक इस्तेमाल कर रहे हैं।

“शहर में ऑर्गेनिक स्टोर्स तो हैं, लेकिन उनका ध्यान सिर्फ़ ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स पर रहता है न कि पैकेजिंग पर। इसलिए मैंने सोचा कि क्यों न हम ही ऐसा एक इको-स्टोर शुरू करें, जहाँ प्लास्टिक फ्री पैकेजिंग हो। इसमें रिस्क तो था कि अगर नहीं चला तो? इसलिए बहुत प्लानिंग से हमने इस पर काम किया। सबसे पहले तो बहुत ज़्यादा इन्वेस्ट नहीं करना था और दूसरा, कोई प्रीमियम स्टोर नहीं खोलना था। बल्कि बड़े-बड़े स्टोर की धारणा को थोड़ा बदलना था,” पंकज ने बताया।

पंकज के अलावा उनकी पत्नी ज्योति संचेती, उनकी बहन प्रतिभा जैन और अन्य दो पार्टनर, सुविभा नोलखा और नम्रता बल्दवा, इस पहल में शामिल हैं।

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ज्योति संचेती, पंकज संचेती और प्रतिभा (बाएं से दायें) (साभार)

फ़िलहाल, इस स्टोर में 150 प्रोडक्ट्स हैं और आने वाले समय में, यह संख्या 300 तक हो जाएगी। पंकज बताते हैं कि इन प्रोडक्ट्स को सोर्स करना भी उनके लिए आसान नहीं रहा। क्योंकि सभी सामान खरीदने से लेकर इसे बेचने तक की पूरी प्रक्रिया में कहीं भी वह प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं चाहते थे। इसलिए उन्होंने ऐसे विक्रेताओं को ढूंढा जो कि प्लास्टिक-फ्री पैकेजिंग के लिए तैयार थे और जिनके प्रोडक्ट्स की क्वालिटी पर उन्हें यकीन था।

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इसके अलावा, शुरू से ही उनकी योजना थी कि अपने स्टोर से कुछ औरतों को जोड़ा जाये जो कि घर पर जैविक चीज़ों का इस्तेमाल करके प्रोडक्ट्स बना रही हैं। लगभग 30 प्रोडक्ट्स इस स्टोर में स्थानीय औरतों द्वारा बनाये गये होममेड प्रोडक्ट्स हैं। पंकज कहते हैं कि वे अपने सभी प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता के लिए ग्राहकों को निश्चिंत कर सकते हैं क्योंकि वह खुद भी अपने घर पर यही सब इस्तेमाल करते हैं।

स्टोर की कुछ तस्वीरें

इस स्टोर में सभी चीज़ें जैसे चायपत्ती, चीनी, आटा, कॉफ़ी, तेल आदि कांच के जार आदि में रखी जाती हैं। साथ ही, यहाँ उपलब्ध कुछ स्नैक्स प्रोडक्ट्स उनके अपने घर पर बनाये हुए हैं तो कुछ को क्वालिटी चेक के बाद अन्य जगहों से लिया गया है। पंकज बताते हैं कि उनके यहाँ आने वाले सभी लोग खुद अपना सामान पैक करते हैं और फिर उनका वजन भी खुद करते हैं।

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लोगों की प्रतिक्रिया के बारे में पंकज कहते हैं कि भले ही उनके स्टोर को खुले हुए ज़्यादा समय नहीं हुआ। पर लोगों की तरफ से मिलने वाला रिस्पोंस अच्छा है। प्रतिदिन उनके यहाँ 10-12 ग्राहक खरीददारी के लिए आते ही हैं। फ़िलहाल, उनका फोकस सिर्फ़ इस पर है कि वह महीने की अपनी लागत निकाल पाएं। इसलिए अभी वे ‘नो प्रॉफिट, नो लोस’ की तकनीक पर काम कर रहे हैं।

खुद अपने सामान की नाप-तोल करते हैं ग्राहक

लोगों से मिलने वाले साथ को देखते हुए, उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही उनका स्टोर पूरे शहर में मशहूर होगा। साथ ही, आगे चलकर वह स्टोर के लिए एक ‘बायर्स एंड मेकर्स क्लब’ बनाने की योजना पर भी काम कर रहे हैं, जहां समय-समय पर साबुन आदि बनाना सिखाने के लिए वर्कशॉप की जाएँ।

यदि आप हैदराबाद में ‘जीरो वेस्ट इको स्टोर’ से सामान लेना चाहते हैं तो पता है: 29, No 1 Rd, Janakapuri, Hyderabad Asbestos Staff Colony, Karkhana, Secunderabad, Telangana 500009

संपादन – मानबी कटोच 


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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