in ,

प्रिंस बंसल: लगातार पढ़ाई और कड़ी मेहनत के दम पर हासिल की बैंक परीक्षा में फर्स्ट रैंक!

साल 2016 में SBI PO की परीक्षा में उन्होंने फर्स्ट ऑल इंडिया रैंक प्राप्त की और फिर 2017 में भी उन्होंने RBI Grade B की परीक्षा में पूरे भारत में पहला स्थान प्राप्त किया।

“बैंक की परीक्षा हो या फिर कोई और सरकारी नौकरी की तैयारी। इनमें हम सभी को किसी और की स्ट्रेटेजी अपनाने की बजाय अपनी खुद की स्ट्रेटेजी बनानी चाहिए। हम दूसरों की कहानी और उनके टिप्स से सिर्फ़ मार्गदर्शन ले सकते हैं बाकी हमारे फेवर में वही चीज़ काम करेगी, जो हम अपनी दिनचर्या के हिसाब से उसमें शामिल करते हैं,” पूरे आत्मविश्वास से यह बात कहने वाले प्रिंस बंसल आज रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।

साल 2016 में SBI PO की परीक्षा में उनकी पहली ऑल इंडिया रैंक थी और फिर 2017 में भी उन्होंने RBI Grade B की परीक्षा में भी पूरे भारत में पहला स्थान प्राप्त किया था।

आज सफलता की जिस बुलंदी पर प्रिंस हैं वहां पहुंचना बेशक हर प्रतिभागी का सपना होता है पर बहुत कम ही लोग इस मुकाम पर पहुंच पाते हैं। प्रिंस की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास का परिणाम है।

मूल रूप से उत्तर-प्रदेश के बिजनौर जिले के रहने वाले प्रिंस ने अपनी मैट्रिक की पढ़ाई उत्तराखंड में अपनी बुआ के घर पर रहकर पूरी की। प्रिंस बताते हैं कि उनके जीवन को एक मुकाम देने में उनके पिता और उनकी बुआ की अहम् भूमिका रहीं। उनके पापा ने दिन-रात मेहनत करके घर को संभाले रखा और उनकी पढ़ाई में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं आने दी। उनकी बुआ ने उन पर बचपन से ही पढ़ाई को लेकर काफ़ी ध्यान दिया।

“बचपन में बुआ ही मुझे पढ़ाती थी। उन्होंने कभी भी मेरी पढ़ाई को लेकर कोई ढील नहीं दी। यहां तक कि बुआ की शादी के बाद भी मैं उन्हीं के साथ रहा और वहीं से अपनी दसवीं कक्षा पास की,” द बेटर इंडिया से बात करते हुए प्रिंस ने कहा।

ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा उन्होंने दिल्ली के आर.के. पुरम स्कूल से पास की और यहाँ पर वे हॉस्टल में रहे। पढ़ाई में हमेशा से अच्छा होने के चलते उन्हें ग्रेजुएशन के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी के जाने-माने कॉलेज श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स में दाखिला मिला। प्रिंस बताते हैं कि उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन के आखिरी साल में कैट की परीक्षा के लिए तैयारी की थी।

फिर ग्रेजुएशन ख़त्म होने के बाद वे सरकारी नौकरी में अपना करियर बनाने में जुट गए। बैंक की परीक्षा के लिए अपनी तैयारी के बारे में बात करते हुए वे बताते हैं कि उन्होंने SIDBI और NABARD की परीक्षाएं भी दीं। जिससे उन्हें अलग-अलग परीक्षाओं का पैटर्न समझने में मदद मिली।

SBI PO की परीक्षा में प्राप्त की पहली रैंक

साल 2016 के SBI PO परीक्षा पास करने में सबसे ज़्यादा मदद उन्हें उनकी CAT की तैयारी से मिली क्योंकि इससे उनका मैथ्स और रीज़निंग काफ़ी मजबूत हुआ था। बाकी इंग्लिश और जनरल अवेयरनेस के लिए वे लगातार पढ़ते रहे। SBI की परीक्षा के साथ-साथ ही उन्होंने RBI के लिए भी पढ़ा। लेकिन उनका SBI PO का इंटरव्यू और RBI की परीक्षा की तारीख बहुत आस-पास थी और इसलिए उन्होंने SBI PO पर ही फोकस किया ।

“उस वक़्त मुझे लगा कि SBI में ज़्यादा मौका है क्योंकि मैं आखिरी लेवल तक पहुँच गया था। इसलिए मैंने इंटरव्यू के लिए जाने का फैसला किया, प्रिंस ने बताया।

उन्होंने SBI PO की परीक्षा फर्स्ट रैंक के साथ पास की और नवंबर 2016 में अपनी ट्रेनिंग शुरू की। लेकिन यहां काम करते हुए उन्हें अहसास हुआ कि उन्हें उनके मन मुताबिक काम शायद RBI में करने को मिले। इसलिए उन्होंने जॉब करते हुए RBI की परीक्षा देने की ठानी।

RBI की परीक्षा के लिए मिला कम समय

प्रिंस ने सोचा था कि RBI की परीक्षा पिछली बार की तरह सितम्बर में होगी। अगर वे मई से भी अपनी तैयारी शुरू करेंगे तो भी उनका चांस रहेगा। लेकिन 2017 में RBI ने अपनी परीक्षा जून में शिफ्ट कर दी और जब नोटिफिकेशन आया तो प्रिंस के पास सिर्फ दो महीने ही थे तैयारी के लिए।

“जब नोटिफिकेशन आया तब मैं घर पर था और मुझे लगा कि यार अब तो पूरी प्लानिंग ख़राब हो गई। उस समय एक पल के लिए तो लगा भी कि ठीक है न ! कोई नहीं, छोड़ते हैं। मैं SBI में तो कर ही रहा हूँ। पर फिर लगा कि नहीं, एक बार कोशिश करने में बुराई ही क्या है,” प्रिंस ने कहा।

प्रिंस ने अपनी जॉब के हिसाब से अपनी पढ़ाई का शेड्यूल बना लिया। साथ ही, प्रिलिम्स और मैन्स की परीक्षा में सिर्फ 3 हफ्तों का ही फासला था तो उन्होंने दोनों की तैयारी साथ-साथ की। उनके बेसिक कॉन्सेप्ट क्लियर थे, इसलिए उन्हें अपनी प्रैक्टिस पर ध्यान देना था व जनरल नॉलेज और जनरल अवेयरनेस पर फोकस करना था।

Promotion

मैन्स परीक्षा से पहले हो गया मलेरिया

मैन्स परीक्षा की तैयारी के लिए प्रिंस बहुत ही उत्साहित थे और उन्हें पूरा यकीन था कि वे अपनी मेहनत से RBI में अपनी जगह बना लेंगे। लेकिन कहते हैं ज़िन्दगी हमारे हिसाब से नहीं चलती और प्रिंस के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ। मैन्स की परीक्षा से पहले उन्हें मलेरिया हो गया और तबियत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें अपने घर जाना पड़ा। बीमारी के बाद जब प्रिंस थोड़े स्वस्थ हुए तो मैन्स के पेपर में मुश्किल से एक हफ्ता ही रह गया था। वे थोड़े असमंजस में तो थे लेकिन उन्होंने प्रिलिम्स के साथ-साथ मैन्स के लिए भी पढ़ाई की थी इसलिए उन्हें विश्वास भी था कि अगर वे अच्छे से रिवाइज़ भी कर लेंगे तो पास हो सकते हैं।

इंटरव्यू पर किया ख़ास फोकस

मैन्स की परीक्षा के बाद प्रिंस को इंटरव्यू की तैयारी के लिए काफ़ी समय मिला। उन्होंने अपने इंटरव्यू के लिए 6 सेक्शन में तैयारी की- करंट अफेयर्स, अपना बायोडाटा, इकोनॉमिक्स (इस विषय से उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन की), SBI के बारे में, RBI और बाकी बैंकिंग सेक्टर से संबंधित ज़रूरी टॉपिक।

प्रिंस ने अपने बायोडाटा को इस तरह तैयार किया कि यदि उनसे कोई भी सवाल पूछा जाये तो वे एक क्रियात्मक उत्तर दे सके। इसके अलावा अपने ग्रेजुएशन विषय, इकोनॉमिक्स पर उनकी अच्छी पकड़ थी और उन्होंने इसे अपनी मजबूती के तौर पर इस्तेमाल किया। करंट अफेयर्स के लिए वे हर रोज़ अख़बार पढ़ते थे।

साथ ही, उन्हें RBI की वेबसाइट से भी काफ़ी मदद मिली। प्रिंस कहते हैं कि इंटरव्यू के लिए मिले इस वक़्त को उन्होंने भरपूर इस्तेमाल किया। यह उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि उन्होंने RBI की परीक्षा में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

उन्होंने आगे पढ़ाई के बारे में बताया कि RBI प्रीलिम्स की तैयारी के दौरान, जनरल अवेयरनेस में उन्होंने करंट अफेयर्स पर ज़्यादा फोकस किया क्योंकि उन्हें पता था कि यह तैयारी उनके लिए मैन्स में भी मददगार साबित होगी। इस सेक्शन की पढ़ाई के लिए उन्होंने द हिन्दू और मिंट न्यूज़पेपर से मदद ली और GKToday से पढ़ाई की। इसके अलावा, इकोनॉमी से सम्बंधित करंट अफेयर्स के लिए उन्होंने Vision IAS से पढ़ाई की।

इकोनॉमिक सर्वे के लिए उन्होंने ForumIAS फॉलो किया और बजट के टॉपिक के लिए indianeconomy.net वेबसाइट से पढ़ाई की। Insights IAS, Shankar IAS से उन्होंने सरकारी योजनाओं के बारे में पढ़ा। मैन्स के विषयों की तैयारी की स्ट्रेटजी पर उन्होंने कहा कि फाइनेंस विषय के लिए उन्होंने मिंट न्यूज़पेपर पर फोकस किया।

इसके अलावा उन्होंने Investopedia और Wikipedia जैसी वेबसाइट की भी मदद ली। बाकी मैनेजमेंट सब्जेक्ट के लिए उन्होंने rbigradeb.com से तैयारी की। उन्होंने अपनी ज़्यादातर पढ़ाई ऑनलाइन ही की और पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने प्रीलिम्स के लिए मॉक टेस्ट सीरीज भी ज्वाइन की। मॉक टेस्ट के लिए उन्होंने Oliveboard (OB) और Practice Mock (PM) से मदद ली। प्रिंस कहते हैं कि मॉक टेस्ट आपकी तैयारी में बहुत ज़रूरी होते हैं। इनसे आपको पता चलता है कि आपकी तैयारी का लेवल क्या है? वे प्रतिभागियों को RBI की वेबसाइट से पढ़ने की सलाह देते हैं।

अन्य प्रतिभागियों के लिए संदेश :

प्रिंस का मानना है कि हर किसी का पढ़ाई करने का तरीका अलग होता है। ज़रूरी नहीं कि हमेशा हमारी प्लानिंग के मुताबिक हमारी ज़िंदगी चले। इसलिए बेहतर है कि जैसे भी हो, जिस भी परिस्थिति में हो, बस अपना बेस्ट दें। आपको बाद में किसी भी वजह से यह नहीं लगना चाहिए कि अगर ये कर लेते तो हो जाता।

दूसरा, वे सुझाव देते हैं कि अक्सर प्रतिभागी परीक्षा की टेंशन में ज़िंदगी जीना ही छोड़ देते हैं। जबकि आपको पढ़ाई के बीच में कुछ समय अपनी हॉबी को देना चाहिए- जैसे कि स्पोर्ट्स, म्यूजिक या फिर कुछ और चीज़ जो आपको पसंद हो। खुश रहें न कि खुद को बंद कर लें।

और अंत में सबसे ज़्यादा ज़रूरी है कि आप पूरी ईमानदारी से पढ़ाई करें और खुद से सच्चे रहें। ज़रूरी नहीं कि 12 घंटे पढ़ना है या 14 घंटे, ज़रूरी है कि आप अगर 4 घंटे भी पढ़ रहे हैं तो ईमानदारी से पढ़ रहे हैं। किसी से कोई तुलना किए बगैर अपने रूटीन के हिसाब से स्ट्रेटेजी बनाएं। आप यकीनन सफल होंगे।

आप प्रिंस बंसल को Quora पर फॉलो कर सकते हैं और बैंकिंग से संबंधित उनके जवाब पढ़ सकते हैं!


यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ बांटना चाहते हो तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखे, या Facebook और Twitter पर संपर्क करे। आप हमें किसी भी प्रेरणात्मक ख़बर का वीडियो 7337854222 पर भेज सकते हैं।

शेयर करे

Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

पुरुष-वेश में क्रांतिकारियों तक हथियार पहुँचाती थी यह महिला स्वतंत्रता सेनानी!

अरूणा आसफ अली।

जानिए उस महिला के बारे में जिसने झंडा फहराकर भारत छोड़ो आंदोलन में जान फूंक दी !