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GATE या JEE पास किये बिना भी अब IIT में पढ़ सकते हैं, जानिए कैसे!

यदि आप अपने रेग्युलर कोर्स के बीच में भी इस कोर्स में दाखिला लेकर यहाँ इसे एक सेमेस्टर पढ़ते हैं तो आपके रेगुलर कोर्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। क्योंकि इस एक सेमेस्टर के आपको क्रेडिट मार्क्स दिए जायेंगें।

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (IIT) न सिर्फ़ भारत में बल्कि देश-विदेशों में भी पढ़ाई के लिए काफ़ी प्रसिद्द हैं। यहाँ पर छात्र-छात्राओं को नोबेल पुरस्कार विजेताओं से मिलने, विचार-विमर्श करने, अनुसंधान कार्यक्रमों के लिए एमआईटी, स्टैनफोर्ड और हार्वर्ड जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों का दौरा करने, रिसर्च के लिए आर्थिक मदद और अच्छे से अच्छे पैकेज की नौकरी पाने के सभी अवसर मिलते हैं।

इसलिए हर साल लाखों बच्चे IIT में एडमिशन के लिए कम्पटीशन की तैयारी करते हैं। लेकिन सीमित सीट होने के चलते कुछ प्रतिभागियों को ही यहाँ पढ़ने का मौका मिलता है।

पर जिन छात्रों का मुश्किल परीक्षा की वजह से यहाँ दाखिला नहीं हो पाता, उनके लिए एक अच्छी खबर है। हयूमैनिटिज़, विज्ञान और इंजीनियरिंग के छात्र जो कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) या ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) क्लियर नहीं कर पाते हैं, उनके लिए IIT गांधीनगर (IITGN) ने अपने दरवाजे खोले हैं।

IIT गांधीनगर (IITGN) ने अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट छात्रों के लिए फुल-टाइम और पार्ट-टाइम, एक नॉन-डिग्री प्रोग्राम शुरू किया है। जिसमें आप अपना एक पूरा सेमेस्टर यहां से पढ़ सकते हैं।

और ये छात्र यहाँ की सभी शैक्षणिक सुविधाओं जैसे प्रयोगशालाओं, हॉस्टल, इंटरनेट, लाइब्रेरी, कंप्यूटर केंद्र, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मेस आदि का लाभ उठा सकते हैं।

IITGN के निदेशक सुधीर के. जैन ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य उन काबिल छात्रों को आईआईटी सिस्टम में पढ़ने का मौका देना है जो अक्सर कठिन परीक्षा के चलते दाखिला नहीं ले पाते हैं। इसलिए अब छात्रों को यहां पढ़ने के लिए अब JEE या GATE पर ही निर्भर रहने की ज़रूरत नहीं है।

इस नॉन-डिग्री कोर्स का ऑनलाइन कोर्स से अंतर बताते हुए उन्होंने कहा कि इस कोर्स में छात्रों और शिक्षकों की सीधी बातचीत होगी, विचार-विमर्श होगा।

उन्होंने आगे बताया कि लगभग एक दशक पहले से यह कोर्स इस संस्थान में चला रहा है। और इस पहल को शुरू करने का उद्देश्य आईआईटी की स्पेशल और विशिष्ट होने की धारणा को बदलना था। वे चाहते हैं कि आईआईटी सबके लिए हो। लेकिन आज भी इस तरह के प्रोग्राम्स के बारे में बहुत ही कम लोगों को पता है।

यदि आप अपने रेग्युलर कोर्स के बीच में भी इस कोर्स में दाखिला लेकर यहाँ इसे एक सेमेस्टर पढ़ते हैं तो आपके रेगुलर कोर्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। क्योंकि इस एक सेमेस्टर के आपको क्रेडिट मार्क्स दिए जायेंगें।

अन्य शैक्षणिक संस्थानों से अपनी डिग्री कर रहे छात्रों के लिए पार्ट-टाइम कोर्स भी शुरू किये गये हैं।

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Source: IIT Gandhinagar/Facebook

जिन भी छात्रों को यहाँ फुल-टाइम या पार्ट टाइम कोर्स में दाखिला लेना है, उनका अकादमिक रिकॉर्ड काफ़ी अच्छा होना चाहिए।

IITGN में दाखिला होने पर, छात्रों को पूरे सेमेस्टर की फीस भरनी होगी और कुछ नियमों और दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। सेमेस्टर के अंत में, नॉन-डिग्री कोर्स के छात्र कोर्स के बारे में अपनी प्रतिक्रिया या सुझाव दे सकते हैं ताकि अगले बैच के लिए ज़रूरी सुधार किया जा सके और संस्थान को भी आगे बढ़ने में मदद मिले।

यह कोर्स पूरा करने पर छात्रों को एक सर्टिफिकेट दिया जायेगा और इसके बाद वे अपनी रेग्युलर पढ़ाई आराम से कर सकते हैं।

कब करें आवेदन: यहाँ पर शैक्षणिक वर्ष का पहला सेमेस्टर अगस्त से नवंबर के बीच होता है और इसके लिए आपको 1 जुलाई तक आवेदन करना होता है। इसके बाद दूसरा सेमेस्टर जनवरी से अप्रैल तक होता है, जिसके लिए आप 1 दिसंबर तक अप्लाई कर सकते हैं।

प्रवेश के लिए मानदंड: आवेदक, भारत या विदेश में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय का छात्र/छात्रा होने चाहिए और IITGN में उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उस संस्थान / विश्वविद्यालय द्वारा आधिकारिक तौर पर उन्हें स्पोंसर (छात्रवृति) किया जाना चाहिए।

इस कोर्स के बारे में अधिक जानने के लिए, यहां क्लिक करें!


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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