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केवल 250 रुपये में बनायें अपना ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम’, 10 मिनट में बचायें 225 लीटर पानी!

इस रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लगाने के लिए किसी प्लम्बर या एक्सपर्ट की ज़रूरत नहीं है। यह आप अपने घर पर खुद ही बना सकते हैं।

क्सर हम सुनते हैं कि हमारा देश जुगाड़ पर चलता है। समस्या कोई भी हो, जवाब होता है कि ‘चलो करते हैं कोई जुगाड़’!

ऐसा ही एक छोटा-सा जुगाड़ हमें भविष्य में बहुत बड़ी आपदा से बचा सकता है और वह है पानी की कमी। आये दिन अख़बारों में देश के अलग-अलग इलाकों में पानी की कमी और सूखे आदि की ख़बरें छपती हैं। इस समस्या से उबरने के लिए ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ यानी कि ‘वर्षा जल संचयन’ एक कारगर उपाय है।

अगर हर एक घर भारत में बारिश का पानी इकट्ठा करे और उसे रोज़मर्रा के कामों के लिए इस्तेमाल करे तो हम काफ़ी अधिक मात्रा में पानी संरक्षित कर सकते हैं। अक्सर बहुत से लोग रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के खर्च और ताम-झाम से बचने के लिए भी इस ओर कोई ध्यान नहीं देते।

पर चेन्नई के रहने वाले 45 वर्षीय दयानंद कृष्णन के एक छोटे से जुगाड़ से अब आप सिर्फ़ 10 मिनट में लगभग 200 लीटर बारिश का पानी इकट्ठा कर सकते हैं। और इस DIY इनोवेशन की लागत है सिर्फ़ 250 रुपये। द बेटर इंडिया से बात करते हुए कृष्णन ने बताया कि चेन्नई में बरसात शुरू होने से गर्मी से तो राहत मिली पर फिर एक और परेशानी सामने आ गयी।

 

“भले ही तमिलनाडु में पानी की कमी है पर फिर भी यह हज़ारों लीटर पानी बर्बाद ही जाने वाला था और इसी एक सोच ने मुझे अपने स्तर पर कुछ ऐसा करने के लिए प्रेरित किया जिससे मैं बारिश के पानी का संरक्षण कर सकूँ,” उन्होंने आगे कहा।

कृष्णन बताते हैं कि उनके रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लगाने के लिए किसी प्लम्बर या एक्सपर्ट की ज़रूरत नहीं है। यह आप अपने घर पर खुद ही बना सकते हैं।

इस सिस्टम को बनाने के लिए आपको चाहिए

 

1.एक ड्रम, जो अक्सर घरों में पहले से ही मौजूद होता है

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2. तीन फीट का पीवीसी पाइप,

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3. दो पाइप बेंड्स, और…

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4. फ़िल्टर के लिए एक सूती का कपड़ा।

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हर एक घर की छत पर या बालकनी में पानी की निकासी के लिए एक पाइप होता है, जिससे की पानी बाहर जा सके। कृष्णन ने बस इसी निकासी वाले पाइप से पाइप बेंड्स की मदद से दूसरे पाइप के एक सिरे को जोड़ दिया और दूसरे सिरे को कपड़े के फ़िल्टर से ढके हुए ड्रम में।

 

ताकि पानी बाहर जाने की बजाय उस ड्रम में इकट्ठा हो जाये। इसके अलावा, ड्रम पर कपड़े का फ़िल्टर लगाने का उद्देश्य था छत से पानी के साथ आने वाली धूल-मिट्टी को छानना।

नीचे दिखाए वीडियो में जानिये तरिका –

 

26 जून से जब चेन्नई में मानसून का आगमन हुआ तो उनके इस जुगाड़ वाले सिस्टम ने अपना काम बाख़ूबी किया। कृष्णन बताते हैं कि जब बारिश शुरू हुई तो वे अपने दफ्तर से वापिस लौट रहे थे। उन्होंने रास्ते से ही अपनी पत्नी को फ़ोन किया और पूछा कि क्या उनका रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम कामयाब हुआ या फिर नहीं?

“उसने मुझे बताया कि पानी ड्रम में इकट्ठा हो रहा है। शुरू के पांच मिनट पाइप को बगीचे की तरफ मोड़ दिया गया ताकि छत से गंदगी ड्रम में न जाए और इसके बाद ड्रम में पूरा पानी इकट्ठा हो गया।

सिर्फ़ 10 मिनट में हमने 225 लीटर पानी इकट्ठा कर लिया, जिसे आराम से 2-3 दिन तक दैनिक कामों के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता था,” उन्होंने कहा।

कृष्णन जिस इलाके में रहते हैं वहां के लोगों को हफ्ते में एक ही बार नगर निगम से पानी मिलता है और अगर इस पानी का संरक्षण सही से न किया जाये तो यह पानी चार दिन भी न चले। हालांकि, कृष्णन के स्टोरेज सिस्टम से उनके तीन सदस्यी परिवार को किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होती है।

 

“चेन्नई जिस स्थिति में है उसे देखते हुए हम 1500 रुपये का एक वाटर टैंकर मंगवाते हैं और वह ऑर्डर करने के कुछ दिन बाद ही आता है,” कृष्णन ने कहा।

पर इस सिस्टम से उन्हें बारिश के बाद लगभग 2-3 दिन तक पानी की कोई समस्या न हुई। इसके अलावा अगर आपको ज़्यादा पानी इकट्ठा करना है तो आप एक और ड्रम भर सकते हैं।

यह सिस्टम सभी तरह के घरों और छोटे-बड़े परिवारों के लिए आसान और अच्छा है। कृष्णन को देखते हुए उनके और भी कई दोस्तों ने इसे फॉलो किया और अब उन्हें भी इससे काफ़ी मदद हो रही है।

कृष्णन से संपर्क करने के लिए आप dayatiger73@gmail.com पर मेल कर सकते हैं!

संपादन – मानबी कटोच 


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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