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स्वास्थ्य मंत्रालय: ‘नो बिस्कुट, नो कूकीज’ होंगी अब मीटिंग्स; यहाँ खरीदें हेल्दी विकल्प!

नेता और अधिकारी अगर एक स्वस्थ और सेहतमंद लाइफस्टाइल अपनायेंगें तो यक़ीनन यह आम नागरिकों के लिए भी एक मिसाल बनेगा।

सेहत और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक बहुत ही समझदारी भरा कदम उठाया है। उनके इस कदम की हर जगह सराहना हो रही है।

19 जून 2019 को स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक नोटिस जारी करते हुए आदेश दिया है कि अब से सरकार की किसी भी औपचारिक और विभागीय मीटिंग के दौरान बिस्कुट, कूकीज या फिर चिप्स की जगह हेल्दी स्नैक्स जैसे कि भुने हुए चने, अखरोट, खजूर, बादाम आदि सर्व किये जाएंगे।

इसके साथ ही, सर्कुलर में प्लास्टिक की बोतलों के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने की बात कही गयी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय का सर्कुलर

इस फ़ैसले के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की काफ़ी तारीफ़ हो रही है। उन्होंने सभी विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि इस ‘नो-बिस्कुट’ पॉलिसी को पूरे प्रभाव के साथ लागू किया जाये। नेता और अधिकारी अगर एक स्वस्थ और सेहतमंद लाइफस्टाइल अपनायेंगें तो यक़ीनन यह आम नागरिकों के लिए भी एक मिसाल बनेगा।

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वर्तमान समय की व्यस्त ज़िंदगी में वैसे भी यह बहुत ज़रूरी हो गया है कि हम जंक फ़ूड की बजाय शुद्ध और पौष्टिक चीज़ों को अपने खाने की थाली में जगह दें। कोई भी उत्पाद खरीदते समय, हम यह चेक करें कि वह उत्पाद कैसे, कहाँ और क्या-क्या इस्तेमाल करके बनाया जा रहा है।

तेल और तेज मसालों में बने उत्पादों की बजाय हमें जैविक, प्राकृतिक और सेहतमंद खाद्य पदार्थ लेने चाहिए। तभी हम एक फिट और सस्टेनेबल लाइफ जी सकते हैं।

इसी तरह के शुद्ध, पौष्टिक, प्राकृतिक और जैविक खाद्य पदार्थ आप ‘द बेटर इंडिया- शॉप ‘ से ख़रीद सकते हैं!

संपादन – मानबी कटोच


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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