in ,

अतीत में भारतीय महिलाओं के योगदान को पहचान दिला रहा है जयपुर का इंडियन वीमेन हिस्ट्री म्यूजियम!

यपुर में इंडियन वीमेन हिस्ट्री म्यूजियम द्वारा ‘वीमेन हिस्ट्री एक्सीबिशन’ का आयोजन किया जा रहा है। इस एक्सीबिशन में भारतीय महिलाओं की अनकही कहानियाँ, भारतीय महिला स्वतंत्रता सेनानी, भारत के इतिहास में पहली ‘भारतीय महिला, वह भारतीय महिलाएँ, जिन्होंने हमें गर्वित किया है, जैसे विषयों पर उन की प्रदर्शनी लगाकर, उन हिस्ट्री वीमेन को याद किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी 26 फ़रवरी से 30 मार्च तक जयपुर के ‘एन वोग अकैडमी ऑफ़ डिजाईन’ में हर रोज़ दोपहर 12 बजे से शाम के 5 बजे तक चलेगी।

भारतीय महिला इतिहास संग्रहालय  ( indian women history museum ) का उद्देश्य अतीत में भारतीय महिलाओं के योगदान और उपलब्धियों को आज की जीवन-धारा से जोड़कर ,अतीत और वर्तमान के जीवन के माध्यम से समाज और देश को उनके कार्यो और उपलब्धियों से अवगत करवाना है, तथा भारत की महिलाओं द्वारा निभाई गई विभिन्न भूमिकाओं को उजागर करना है।

 

भारतीय महिला इतिहास संग्रहालय ( इंडियन वीमेन हिस्ट्री म्यूजियम)  का उद्देश्य है कि इन महिलाओं के योगदान और उपलब्धियों को प्रदर्शनियों, सार्वजनिक कार्यक्रमों, शिक्षा संसाधनों और एक संग्रह के माध्यम से इनकी उपलब्धियों का सम्मान किया जा सके, और साथ ही साथ सभी को उनके बारे में अवगत करवाया जा सके।

 

भारतीय महिला इतिहास संग्रहालय (इंडियन वीमेन हिस्ट्री म्यूजियम) की यह पहल, युवा पीढ़ी ,बालिकाओं और महिलाओं को उनसे प्रेरणा और मार्गदर्शन के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में भी कारगार सिद्ध होगा, साथ ही साथ भारतीय महिलाओं द्वारा अतीत और वर्तमान में किये गए कार्यो और उपलब्धियों  को देश-विदेश तक पहुंचाने में कामयाबी हासिल होगी।

Promotion

 

महिला इतिहास संग्रहालय लड़कियों और युवा महिलाओं के लिए रोल मॉडल पेश करेगा, जो स्कूलों, सामुदायिक समूहों और इतिहासकारों के और आमजन के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा।

 

प्रदर्शनियों और यात्रा प्रदर्शनों के साथ एक ऑनलाइन और ऑन-साइट संग्रह बनाने के लिए भारतीय महिला इतिहास संग्रहालय को वर्तमान समय तक इतिहास के माध्यम से महिलाओं के जीवन और कार्यों का दस्तावेजीकरण करना है। महिला संग्रहालय महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए हमारे समाज में बेहतर विकास के लिए प्रेरित और आगे बढ़ाने की उम्मीद करता है।

 

लेखक – रोहिताश कुमार

संस्थापक-भारतीय महिला इतिहास संग्रहालय ( इंडियन वीमेन हिस्ट्री म्यूजियम )


यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ बांटना चाहते हो तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखे, या Facebook और Twitter पर संपर्क करे। आप हमें किसी भी प्रेरणात्मक ख़बर का वीडियो 7337854222 पर भेज सकते हैं।

जिसे ‘गानेवाली’ कहकर दुनिया दुत्कारती रही, उसी पांचवी पास गंगूबाई को 4 विश्वविद्यालयों ने दिया डॉक्टरेट!

मिलिए भारत के ‘गूंगा पहलवान’ से, देश के लिए जीते हैं 6 अंतर्राष्ट्रीय पदक!