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आयकर में छूट से लेकर किसानों के लिए रियायतों तक, जानिए बजट 2019 की बड़ी बातें!

बीते शुक्रवार, 1 फरवरी 2019 को अंतरिम बजट पेश करते हुए, वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की। हालांकि, ये सभी घोषणाएँ अंतरिम बजट में की गयीं, न कि आम बजट में।

अंतरिम बजट चुनावी साल में पेश होता है यानि जिस साल लोकसभा चुनाव होने हो, उसी साल अंतरिम बजट पेश किया जाता है। इसके मुताबिक, केंद्र सरकार पूरे वित्त वर्ष की बजाय कुछ महीनों तक के लिए यानी कि एक सिमित अवधि के लिए ही बजट पेश करती है और चुनाव होने के बाद नई गठित सरकार पूर्ण/आम बजट पेश करती है।

वित्त मंत्री गोयल ने यह अंतरिम बजट पेश किया और इसमें कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाये गये।

1. इस बजट की सबसे बड़ी घोषणा शायद यही है कि सरकार ने इनकम टैक्स (आयकर) के लिए व्यक्तिगत कमाई की सीमा 5 लाख रूपये कर दी है। टैक्स स्लैब में बदलाव करते हुए 5 लाख रुपए तक की सालाना सैलरी वालों को पूर्ण टैक्स छूट दे दी गयी है।

अभी तक सालाना 2.5 लाख रुपए तक की आय टैक्स फ्री थी। लेकिन अब इसे दोगुना कर दिया गया है।

2. मेगा पेंशन योजना: इस योजना के तहत, अनौपचारिक क्षेत्रों में काम कर रहे लगभग 10 करोड़ लोगों को हर महीने 3,000 रुपये की पेंशन का आश्वासन दिया गया है।

यदि कोई अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाला श्रमिक/मजदूर 18 वर्ष की उम्र में इस योजना से जुड़ना चाहते हैं, तो उन्हें हर महीने 55 रुपये का भुगतान करना होगा और 29 वर्ष की आयु वालों को 100 रुपये का भुगतान करना होगा।

जब वे 60 वर्ष की उम्र पर पहुँच जायेंगे, तो उन्हें पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी।

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3. बजट में घोषणा की गयी कि सरकार सभी 22 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य, फसल की लागत राशि से कम से कम 50% अधिक देगी।

किसानों के लिए, गोयल ने ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (PM-KISAN) की घोषणा की है, इसके अंतर्गत 2 हेक्टेयर से कम भूमि वाले किसानों को हर साल 6, 000 रूपये की राशि दी जाएगी और यह राशि, सीधा उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर होगी। किसानों को सालभर में दो- दो हजार रूपए की तीन किस्तों में यह राशि दी जाएगी।

लगभग 12 करोड़ किसानों को PM-KISAN से लाभ होने की संभावना है, जिसके लिए 75,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

फोटो साभार

4. इस बजट में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) प्रोग्राम की आवंटन राशि को 5,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए 60,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

5. पूर्वी-उत्तरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए दी गयी धनराशि में पिछले वर्ष के मुताबिक 21% तक की वृद्धि की गयी है। इस क्षेत्र को कॉमर्स का हब बनाने पर पूरा ध्यान केन्द्रित है, विशेष रूप से दक्षिण पूर्व एशिया के देशों के साथ और इस दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

इसके अलावा किसानों के लिए PM-KISAN योजना को 1 दिसंबर 2018 से लागू माना जायेगा। साथ ही, प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे किसानों को ब्याज दर में 2% की छूट मिलेगी और समय पर कर्ज चुकाने पर 3% अतिरिक्त छूट मिलेगी। किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम का लाभ मछली पालन में भी दिया जाएगा और 1.4 करोड़ मछुआरों के लिए अलग से फिशरीज डिपार्टमेंट बनाया जाएगा।


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.

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