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पहली बार देश की महिला पुलिसकर्मियों के लिए बनाया गया स्पेशल ‘बॉडीसूट’!

प्रतीकात्मक तस्वीर

क्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने महिला पुलिसकर्मियों और पैरामिलिट्री अफ़सरों के विभिन्न शारीरक मापों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए ख़ास तरीके का ‘रायट गियर’ तैयार किया है। ‘रायट गियर,’ एक ख़ास तरह का यूनिफॉर्म या बॉडीसूट होता है, जिसे आग और एसिड प्रतिरोधक मटेरियल से बनाया जाता है। यह आपातकालीन स्थिति में पुलिसकर्मियों को ज़्यादा से ज़्यादा सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया जाता है।

अब ऐसा पहली बार हुआ है कि, इस यूनिफॉर्म को खास तौर पर देश के अलग-अलग प्रांतों से आने वाली महिला पुलिस कर्मचारियों के शारीरिक माप को ध्यान में रखकर बनाया गया है। पंजाब के जालंधर में आयोजित 106वें भारतीय विज्ञान कांग्रेस आयोजन के दौरान इस यूनिफॉर्म को प्रदर्शनी में लगाया गया।

डिफेंस इंस्टिट्यूट ऑफ़ फिजियोलॉजी एंड अलाइड साइंसेज (डीआईपीएएस) के तकनीकी अधिकारी इंद्रजीत सिंह ने कहा, “अभी महिला पुलिसकर्मी, पुरुष अधिकारियों के लिए बनाए गए रायट गियर का इस्तेमाल करती हैं, जो उन्हें अच्छी तरह से फिट नहीं होते है।”

लेकिन अब खास तौर से बनाये गये इस बॉडीसूट को तीन आकारों (छोटा, मध्यम और बड़ा) में महिला कर्मचारियों के लिए उपलब्ध करवाया जायेगा। यह बॉडीसूट पहले सूट के मुकाबले बहुत हल्का है और साथ ही, यह पहले सूट से ज्यादा सुरक्षा प्रदान करता है। इस सूट से पुलिसकर्मियों के शरीर का ऊपरी भाग पूरी तरह से कवर हो सकता है। इसके पिछले हिस्से को रीढ़ के आकार में बनाया गया है। इसके अलावा यह सूट हाथ और पैरों को भी कवर करेगा।

डीआरडीओ का दावा है कि यह अपनी तरह का पहला बॉडीसूट है, जिसे इतनी बेहतर तकनीकों के साथ बनाया गया है और अब संस्थान ने इस सूट पर अपना पेटेंट लेने के लिए भी अप्लाई किया है। फ़िलहाल, इस सूट को क्वालिटी टेस्ट के लिए भेजा गया है।

संपादन – मानबी कटोच


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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