in

श्रद्धांजलि : 15,000 से भी ज़्यादा बच्चों का सुरक्षित प्रसव करवाने वाली ‘जननी अम्मा’!

स्त्रोत: विकिपीडिया

जानी-मानी समाज सेविका और पद्मश्री से सम्मानित सुलागिट्टी नरसम्मा ने 25 दिसंबर 2018 को बंगलुरु में अपनी आखिरी सांस ली। कर्नाटक के एक छोटे-से गांव कृष्णपुरा में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने करीब 15 हजार बच्चों का सुरक्षित प्रसव करवाया था।

मृत्यु के समय उनकी उम्र 98 साल थी। साल 2017 में नरसम्मा को समाज सेवा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मश्री अवॉर्ड से भी नवाजा था।

जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक के तुमकुर जिले में जन्मीं नरसम्मा इस इलाके में ‘जननी अम्मा’ के नाम से मशहूर थी। उन्होंने अपने पूरे जीवनकाल में करीब 15 हजार गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया है। दाई का काम उन्होंने अपनी दादी से सीखा था। नरसम्मा ने कभी भी किसी डिलीवरी के लिए कोई पैसे नहीं लिए।

वे पारम्परिक तरीकों से गर्भवती महिला की डिलीवरी करवाती थीं। नरसम्मा वैसे तो अनपढ़ थीं लेकिन वे अपने काम में इतनी माहिर थी कि साल 2014 में उन्हें तुमकुर विश्वविद्यालय ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया।

पिछले कई महीनों से नरसम्मा की तबीयत काफी ख़राब थी। उन्हें फेफड़ों की घातक बीमारी के चलते अस्पताल में भारती करवाया गया था। यहाँ उन्हें 3-4 दिन वेंटीलेटर पर रखा गया। लेकिन नरसम्मा की तबीयत नहीं सुधरी और फिर 25 दिसंबर को उन्होंने इस दुनिया से विदा ली।

हजारों बच्चों को जीवनदान देने वाली इस ‘जननी अम्मा’ को हमारी भावभीनी श्रद्धांजलि!


यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ बांटना चाहते हो तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखे, या Facebook और Twitter पर संपर्क करे। आप हमें किसी भी प्रेरणात्मक ख़बर का वीडियो 7337854222 पर भेज सकते हैं।

शेयर करे

Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

पुणे: बस में चोरी हुआ युवक का बटुआ, फ़ूड डिलीवरी बॉय ने की मदद!

बाबा आमटे: कुष्ठ रोगियों को नया जीवन दान देने के लिए छोड़ दी करोड़ों की दौलत, बन गये समाज-सेवी!