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आईआरएस अफसर की अनोखी पहल, शादी में मिले 1.25 लाख के तोहफ़े किए एनजीओ को दान!

वमसी और उनकी पत्नी एनजीओ के अधिकारियों को दान देते हुए

ईआरएस अफसर वी. साई वमसी ने साल 2016 में उन्होंने 220वीं रैंक के साथ परीक्षा पास की थी।

लेकिन, वमसी सिर्फ इस उपलब्धि को पाकर आराम से बैठने वालों में नहीं हैं। बल्कि, वे पूरी तन्मयता के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए सक्रिय हैं। हाल ही में, उन्होंने आकांक्षा नाम के एक एनजीओ को अपनी शादी में मिले लगभग 1.25 लाख रूपये के तोहफ़े दान कर दिए।

अपने फैसले के बारे में बताते हुए, वमसी ने कहा, “मैं हमेशा से मानता हूँ कि पूरा समाज ही मेरा परिवार है और मुझे लगता है कि यह दान दान नहीं है बल्कि समाज की ओर मेरी ज़िम्मेदारी है।”

एनजीओ आकांक्षा वीफब्स (विज़न फॉर अ बेटर सोसाइटी) को वमसी से काफी मदद मिली है। आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में कोलिमिगुंडला मंडल के थिममान्युनिपेटा गांव में स्थित यह एनजीओ शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय बदलाव ला रहा है।

यह एनजीओ लगभग 60 बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाता है। इन लोगों ने कोलिमिगुंडला मंडल के तीन सरकारी स्कूलों में डिजिटल लैब भी बनवाई हैं। अब तक, इस एनजीओ ने समाज को दो डॉक्टर, और एक सॉफ्टवेर इंजिनियर दिया है।

इसके अलावा, दो छात्र, आसिफ़ और आसिफ़ा को पिछले साल नेपाल में आयोजित कराटे चैंपियनशिप के लिए अंतर्राष्ट्रीय मेडल मिले थे।

वमसी जैसे अधिकारी विरले ही होते हैं जो समाज के बारे में सोचते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने समाज कल्याण के लिए हर महीने अपनी आधी सैलरी दान करने की भी प्रतिज्ञा ली है।

बेशक, वमसी इस समाज में और भी बहुत से लोगों के लिए प्रेरणा हैं।

मूल लेख: प्रुध्वी वेगेसना


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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