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Exclusive : मिलिए भीड़ के हाथों युवक को मरने से बचाने वाले सब इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह से!

हाल ही में उत्तराखंड में रामनगर के सब-इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह ने अपनी जान जोख़िम में डाल कर एक मुसलमान युवक को भीड़ के हाथों मरने से बचाया। उनके इस साहसी कारनामे का किसी ने वीडियो बनाया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद गगनदीप सिंह देश में लोगों के लिए और ख़ास कर युवाओं के लिए हीरो बन गए।

“हीरो जैसा कोई काम नहीं किया, मैं बस मेरी ड्यूटी कर रहा था; तो मैंने वही किया जो उस स्थिति में कोई भी पुलिस वाला करता,” यह कहना है उन्हीं सब-इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह का।

मूल रूप से उत्तराखंड के जिले उधम सिंह नगर के जसपुर से ताल्लुक रखने वाले गगनदीप अपनी माँ के साथ रहते हैं।

सब-इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह

 

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गगनदीप ने बहुत छोटी उम्र में ही अपने पिता को खो दिया था। उनकी माँ ने ही उन्हें और उनकी बहन को पाल-पोसकर इस मुकाम तक पहुंचाया।

गगनदीप ने अपनी पढ़ाई, राधे हरी गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, काशीपुर से की है। साल 2015 में उनका पुलिस फाॅर्स में चयन हुआ।

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“मुझे हमेशा से फ़ौज या फिर पुलिस में जाना था क्योंकि मुझे लगता है कि अपने देश और नागरिकों की सेवा करने का सबसे अच्छा मौका आपको पुलिस फाॅर्स और फ़ौज ही देती है,” द बेटर इंडिया से बातचीत के दौरान गगनदीप सिंह ने बताया।

गगनदीप सिंह की ट्रेनिंग उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद जिले में हुई। जिसके बाद वे अगस्त, 2017 में उत्तराखंड के रामनगर में सब-इंस्पेक्टर के रूप में नियुक्त हुए।

घटना वाले दिन, गगनदीप की ड्यूटी रामनगर के मंदिर में ही थी। उन्होंने बताया, “मैं उस दिन मंदिर में ही तैनात था। थोड़ी दूर पर ही कुछ शोर-शराबा सुनाई दिया तो हम वहां गए। वहां जाकर देखा कि एक लड़के को भीड़ ने घेर रखा था। मैंने बीच-बचाव की कोशिश की। मेरा ध्यान सिर्फ इस पर था कि कोई मार-पीट न हो और हम उस लड़के को सही-सलामत वहां से ले जाए।”

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गगनदीप जब भीड़ को शांत करने की कोशिश कर रहे थे तभी किसी ने उनका वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। इसके बाद देश में काफी लोगों ने वह वीडियो देखा और गगनदीप की सराहना की।

YouTube

लोगों द्वारा मिल रही तारीफ़ पर उन्होंने कहा, “यह अच्छी बात है कि मेरे किसी काम की वजह से आम जनता के बीच पुलिस के लिए एक सकारात्मक सन्देश गया। बाकी मुझे नहीं लगता मैने कुछ बहुत बड़ा काम किया है। पुलिस का काम लोगों की सुरक्षा और सेवा करना है और मैं भी सिर्फ अपना काम कर रहा था।”

जब गगनदीप उस लड़के को बचाने की कोशिश कर रहे थे तो भीड़ में लोगों ने पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी शुरू कर दी। ऐसे में भी विचलित होने की बजाय बिना किसी हाथापाई के गगनदीप सिर्फ अपनी ड्यूटी करते दिखे।

इस पर उन्होंने कहा, “डर जैसा तो कुछ नहीं था क्योंकि इसी काम के लिए हम हैं कि हमारे रहते हुए कोई भी हुड़दंग न हो। अगर पुलिस के वहां मौजूद होते हुए भी लड़ाई होती तो यह हमारे लिए भी शर्मिंदगी की बात होती। इसलिए मेरा मकसद सिर्फ उस लड़के को वहां से निकालना था।”

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इस वीडियो के वायरल होने के बाद जब गगनदीप सुर्ख़ियों में आ गए तो कुछ दिनों में खबरें आने लगी कि उन्हें साम्प्रयदायिक दलों से धमकियां मिल रहीं हैं कि उन्होंने उस लड़के को क्यों बचाया। इस बारे में पूछने पर गगनदीप ने इन सभी खबरों को नकारते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। यह  सब बस अफवाहें हैं।

पुलिस हमारी सुरक्षा के लिए होती है पर आम लोग पुलिस के पास जाने से भी कतराते हैं। जनमानस का पुलिस व्यवस्था पर से विश्वास उठ सा गया है। अब वजहें कोई भी हों पर लोग पुलिस को हमेशा भय और संदेह भरी निगाह से देखते हैं। ऐसे में सब-इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह ने जो किया वह वाकई पुलिस विभाग की सकारात्मक छवि को दर्शाता है।

“हम पुलिस वाले सिर्फ अपनी ड्यूटी ईमानदारी से करते हैं। आम लोगों को पुलिस को लेकर अपनी सोच को बदलना चाहिए और अगर लोग भी हमारा साथ दें तो यक़ीनन पुलिस और अच्छे से काम करेगी,” गगनदीप सिंह ने बताया।

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हम सब-इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह की इस सोच को सलाम करते हैं और उम्मीद करते हैं कि उनके इस कदम से लोगों की सोच में बदलाव आएगा। साथ ही आशा है कि और भी सरकारी अधिकारी व कर्मचारी, जो लोगों की सेवा के लिए हैं इनसे प्रेरणा ले, ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाएंगे।

( संपादन – मानबी कटोच )


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