26/11 : अपनी सूझबूझ से ताज के बीसवीं मंजिल पर फंसे 157 लोगों को बचाया था रवि धर्निधिरका ने।

डर और तनाव के बीच इन चार दिनों में मुम्बई ने बेमिसाल सूझबूझ और अदम्य साहस भी देखा। जिस जलते हुए ताज होटल की तस्वीरें लोगों के जहन में छपी हुई हैं उसी ताज में रवि धर्निधिरका मौजूद थे। रवि ने अपने विलक्षण सूझबूझ से अपने साथ-साथ 157 लोगों की जान बचाई थी। ये हैं रवि धर्निधिरका की कहानी!