[विडिओ] : भारत का ख़त आया है…क्या आप पढेंगे?

भारत... हमारा प्यारा देश! सोचिये यदि हमारा देश एक व्यक्ति के रूप में बदलकर हमसे कुछ कहना चाहता तो क्या कहता? या फिर जिस देश में हम ख़ुशी से रहते है, यहाँ के वासी होने पर गर्व महसूस करते है, कभी इसका गुनगान करते है और कभी कोंसते है, वो देश, हमारा भारत हमारे बारे में क्या सोचता होगा? अगर भारत को मौका मिले तो वो हमे कैसा ख़त भेजेगा? आईये जानते है आगाज़ क्रिएशन द्वारा निर्मित इस शोर्ट फिल्म में कि भारत ने ख़त में आपको क्या लिखा है!

पिता ने ठुकरायी माँग, तो पंचायत ने तोहफे में बनवाया शौचालय!

जब एक सोलह साल की सुनीथा की, घर में शौचालय बनवाने की माँग को उसके शराबी पिता ने ठुकरा दिया, तब गांव की पंचायत ने इस बच्ची के लिए एक दिन में शौचालय बनवाकर उसे तोहफे में दे दिया।

समाज को बेहतर बनाने के लिए ‘उद्देश सोशल फाउंडेशन’ के युवा करा रहे हैं लोगों से लोगों की मदद!

उमरखेड गाँव के युवकों ने उद्देश सोशल फाउंडेशन की स्थापना करके समाज का कल्याण और गरीबो की मदद करने का जिताजागता उदाहरण दिया है। आईये जानते है इस संस्था और आयोजित विभिन्न कार्यक्रम के बारे में।

मल उठाने वालो को सम्मान से जीना सिखाने वाले बेज़वाड़ा विल्सन को मिला रेमन मैगसेसे पुरस्कार !

बेज़वाड़ा विल्सन को इस साल, एशिया का नोबेल कहे जाने वाले प्रतिष्टित 'रेमन मैगसेसे पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें मानव मल साफ करने वाले श्रमिकों के उद्धाऱ के प्रति अपूर्व योगदान के लिए दिया गया। बेजवाड़ा कहते हैं कि वे तब तक संतुष्ट नहीं होंगे जब तक मल उठाने वाला आखिरी व्यक्ति भी अपना काम न छोड़ दे।

स्कालरशिप के पैसो से शौचालय बनाकर गाँव को दी स्वच्छता की मिसाल!

ग्रामीण सभ्यता की अधिकता के कारण हमारे देश में घने जंगल, खुले मैदान एवं जल की उपलब्धता बनी हुई है जिसके कारण खुले में शौच करना बदस्तूर जारी है। लाखों गाँवो की तरह मध्य प्रदेश के गाँव गुरारिया की भी यही स्थिति है। और इस व्यवस्था को नकारने की हिम्मत दिखाई इस गाँव की २१ वर्षीय छात्रा अनीता ने।