स्वच्छता का वादा और औरतों का साम्मान करने पर मुफ्त सवारी करवाते है नॉएडा के ये ऑटोचालक!

देश में स्वच्छता मिशन की लहर पिछले दो सालो से काफी तेजी से फैला है। ऐसे में कई नागरिक ऐसे है जो अपने छोटे-छोटे कदमो से देश को स्वच्छ बनाने की मुहीम में जुट गए है। इनमे से एक नॉएडा के ऑटो चालक सचिन शर्मा भी है। इन्होने देश को स्वच्छ बनाने का सन्देश लोगो तक पहुंचाने का एक अनोखा तरीका ढूंड निकाला है। नए साल की शुरुआत उन्होंने अपने यात्रियों को रात 12 बजे और सुबह 4 बजे के बीच मुफ्त में उनकी मंजिल तक पहुंचा कर की। पर शर्त ये थी कि यात्रियों को उनसे ये वादा करना था कि वे देश को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान देंगे।

[विडिओ] : भारत का ख़त आया है…क्या आप पढेंगे?

भारत... हमारा प्यारा देश! सोचिये यदि हमारा देश एक व्यक्ति के रूप में बदलकर हमसे कुछ कहना चाहता तो क्या कहता? या फिर जिस देश में हम ख़ुशी से रहते है, यहाँ के वासी होने पर गर्व महसूस करते है, कभी इसका गुनगान करते है और कभी कोंसते है, वो देश, हमारा भारत हमारे बारे में क्या सोचता होगा? अगर भारत को मौका मिले तो वो हमे कैसा ख़त भेजेगा? आईये जानते है आगाज़ क्रिएशन द्वारा निर्मित इस शोर्ट फिल्म में कि भारत ने ख़त में आपको क्या लिखा है!

दिल्ली के स्ट्रीट फ़ूड को कुछ इस तरह सुरक्षित बना रही है ये संस्था!

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है, कि राह चलते किसी स्ट्रीट फ़ूड पर नज़र पड़ते ही आपकी भूख बढ़ गयी हो, पर आपने उस ठेले वाले के गंदे हाथ देखकर अपना इरादा बदल लिया और आगे बढ़ गए हों? ऐसी परेशानी से यह दुकानवाले अक्सर गुज़रते हैं, और इसी को दूर करने के लिए ' वन रूपी फाउंडेशन' नाम की संस्था ने इन लोगो में दस्ताने (gloves) बांटने की मुहीम चलायी है।

स्कालरशिप के पैसो से शौचालय बनाकर गाँव को दी स्वच्छता की मिसाल!

ग्रामीण सभ्यता की अधिकता के कारण हमारे देश में घने जंगल, खुले मैदान एवं जल की उपलब्धता बनी हुई है जिसके कारण खुले में शौच करना बदस्तूर जारी है। लाखों गाँवो की तरह मध्य प्रदेश के गाँव गुरारिया की भी यही स्थिति है। और इस व्यवस्था को नकारने की हिम्मत दिखाई इस गाँव की २१ वर्षीय छात्रा अनीता ने।