किसानों की समस्या को ही बना दिया समाधान, सूखे और भारी बारिश के लिए खोजी अनोखी तकनीक

हमारे देश में खेती के लिए लम्बे समय तक बारिश न होने या अचानक बेमौसम होने वाली बारिश से फसलों की बर्बादी होती है जिसकी मार किसान को झेलनी पड़ती है। लेकिन इसका समाधान निकाला अहमदाबाद की एक सामाजिक संस्था ने अनौखी जल सरंक्षण प्रणाली खोजकर!

मुंबई आकर भीख मांगने और गजरे बेचने को मजबूर किसानो के बच्चो को देश का पहला सिग्नल स्कूल दिखा रहा है जीने की नई राह !

मोहन उन हज़ारो किसानो के बच्चो में से एक है जो अपना गाँव, अपना खेत और अपना घर छोड़कर रोज़गार की तलाश में मुंबई आते है। पर यहाँ भी गरीबी और भुखमरी उनका साथ नहीं छोडती। ऐसे में शिक्षा के बारे में सोचना तक उन्हें दूर की बात लगती है। पर अब देश के पहले सिग्नल स्कूल के खुल जाने से मोहन जैसे कई बच्चो को अपने भविष्य को सुधारने का मौका मिल रहा है।

कर्नाटक की लक्ष्मी, जिसने उम्र भर की जमा पूंजी गाँव के लिए कुआँ खुदवाने में खर्च कर दी!

कर्नाटक के बेहद सुदूर हिस्से में बसे एक गाँव में पेंशन के सहारे बेहद कम साधनों में अपनी जीविका चलनेवाली एक महिला ने अपनी पेंशन से मिलने वाली रकम बचाकर गाँव के लोगो के लिए एक कुआँ खुदवाया है।

खुद भुखमरी से जूझने के बावजूद, अपनी सारी फसल चिडियों के लिए छोड़ देता है ये किसान!

अशोक सोनुले और उनके परिवार को बड़ी मुश्किल से दो वक्त की रोटी नसीब होती है। उनके परिवार में कुल १२ सदस्य है। आसपास के सभी किसानो की ज़मीने सूखे की वजह से बंजर पड़ी है। पर अशोक के खेत में ज्वार की फसल लहलहा रही है। आईये जानते है कैसे हुई ये फसल और क्या करते है अशोक इस फसल का!