मुंबई के 300 छात्रों ने 2 साल तक हर रविवार साथ मिलकर काम किया और इस गाँव में बना दिये 107 शौचालय।

मुंबई के किशिनचंद चेलारम महाविद्यालय के छात्रो ने सभी को प्रभावित करते हुये पलघर जिले के कारवाले गाँव में 107 शौचालय निर्मित किए हैं जिसमें गाँव में रह रहे हर परिवार के लिए एक शौचालय है।

इंग्लैंड में अपनी ऐशो-आराम की ज़िन्दगी छोड़, भारत के गाँवों को बदल रहे है ये युवा दंपत्ति!

2014 में एक पति पत्नी का जोड़ा इंग्लैंड में अपनी ऐशो आराम की ज़िन्दगी छोड़कर भारत वापस आ गया। वापस आकर इन्होने न सिर्फ कई गाँवों को नशामुक्त कराया बल्कि अब एक गाँव के हर घर में शौचालय बनवाने की मुहीम में भी जुटे हुए है।

पिता ने ठुकरायी माँग, तो पंचायत ने तोहफे में बनवाया शौचालय!

जब एक सोलह साल की सुनीथा की, घर में शौचालय बनवाने की माँग को उसके शराबी पिता ने ठुकरा दिया, तब गांव की पंचायत ने इस बच्ची के लिए एक दिन में शौचालय बनवाकर उसे तोहफे में दे दिया।

बिहार की इस महिला ने घर में शौचालय बनवाने के लिए गिरवी रखा अपना मंगलसूत्र !

बिहार के सासाराम में एक छोटे से गाँव बारहखन्ना की एक महिला ने शौचालय बनवाने के लिए अपना मंगलसूत्र गिरवी रख दिया। उनके इस जज्बे को देखकर जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया और उनके इस कदम से प्रभावित होकर उन्हें जिले के स्वच्छता कार्यक्रम का ब्रांड एम्बेसडर बना दिया।

एक ऑस्ट्रेलियन, जिसने शौचालय को भारत की बच्चियों की शिक्षा के आड़े नहीं आने दिया !

एक ऑस्ट्रेलियाई मार्क बल्ला २०१३ से भारत के स्कूलों में शौचालय बनवाने के लिए पैसे इकठठे कर रहे हैं । धारावी के एक स्कूल को देखने के बाद उन्होंने एक संस्था बनाई जिसका उद्देश्य स्कूलों में २०,००० शौचालय बनाना है ताकि लड़कियों को अपनी पढाई बीच में ही न छोडनी पड़े।

स्कालरशिप के पैसो से शौचालय बनाकर गाँव को दी स्वच्छता की मिसाल!

ग्रामीण सभ्यता की अधिकता के कारण हमारे देश में घने जंगल, खुले मैदान एवं जल की उपलब्धता बनी हुई है जिसके कारण खुले में शौच करना बदस्तूर जारी है। लाखों गाँवो की तरह मध्य प्रदेश के गाँव गुरारिया की भी यही स्थिति है। और इस व्यवस्था को नकारने की हिम्मत दिखाई इस गाँव की २१ वर्षीय छात्रा अनीता ने।

मुंबई के झुग्गी झोपडी में रहनेवालो को आखिरकार मिली अपने घरो में शौचालय बनाने की आजादी

मुंबई में झुग्गी झोपडी में रहने वालो के लिए एक अच्छी खबर! बी एम् सी के ताज़ा निर्णय के अनुसार अब यहाँ के लोग अपने घरो में शौचालय बनवा सकते हैं। संविधान की धारा २१ के अनुसार स्वच्छता जीवन का अधिकार है। किन्तु आज तक यह मुंबई की झुग्गी झोपड़ियों में रहने वालों के लिए गैर कानूनी था।