शादी में दहेज़ न लेकर, पहलवान योगेश्वर दत्त ने कायम की युवाओं के लिए एक मिसाल!

भले ही भारत के पहलवान, योगेश्वर दत्त ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए हो पर अपनी शादी में दहेज़ न लेने का ऐलान कर के उन्होंने ये साबित कर दिया कि उनका दिल सोने का है।

एसिड पीड़िता ने अपने नए जीवन की शुरुआत की तो पूरे सोशल मीडिया ने दिया उनका साथ!

हाल ही में हुमंस ऑफ़ इंडिया नामक एक फेसबुक पेज पर एक नवविवाहिता की तस्वीर सामने आई, जो प्यार की परिभाषा नए सिरे से लिख रही है।

सेना के जवान की शादी का अनोखा कार्ड: हर्ष फायरिंग और शराब के शौकीन दूर रहें!

उत्तर प्रदेश के बागपत में रहने वाले जवान ने अपनी शादी के कार्ड पर आमंत्रण के साथ विशेष संदेश भी लिखा है। उनके शादी के कार्ड में लिखा है- “शादी में हर्ष फायरिंग और शराब का सेवन पूर्णतः प्रतिबंधित है। ऐसे लोगो से निवेदन है जो हर्ष फायरिंग और शराब के इच्छुक है कृपया वो शादी में शामिल न हो।

नोटबंदी का अनोखा असर : मेहमानों को केवल चाय पिलाकर 500 रूपये में की शादी!

नोट बंदी के बाद से जहाँ एक तरफ दहेज़ न मिलने के कारण शादियाँ टूटने की ख़बरें सामने आ रही है वहीँ सूरत के दो परिवार ऐसे है जिन्होंने आपसी समझ बूझ से अपने बच्चो की शादी केवल पांच सौ रूपये में करायी। इस शादी में मेहमानों का स्वागत केवल पानी और चाय के साथ किया गया।

गाँव की एक बेटी की शादी के लिए पूरा गाँव ही बैंक की कतार में खड़ा हो गया!

कोल्हापुर के याल्गुड गाँव के रहने वाले संभाजी बगल के परिवार में ख़ुशी का माहौल था। हर कोई अपने-अपने कामो में व्यस्त था। आखिर घर की बेटी, सयाली की शादी में दिन ही कितने बचे थे। पर अचानक 8 नवम्बर की रात को मानो ये सारा ख़ुशी का माहौल मातम में बदल गया हो।

बुज़ुर्गों को अकेलेपन से दूर करने के लिए नाटूभाई चला रहे हैं मैरेज ब्यूरो!

नाटूभाई का मानना है प्यार किसी भी उम्र में हो सकता है। इसलिए समाज की परवाह न करते हुए वृद्ध लोगों को शादी कर लेनी चाहिए। नाटूभाई 50 वर्ष से ज्यादा की उम्र के लोगों को जीवनसाथी ढूँढने में मदद कर रहे हैं।

रेप पीड़िता को बहु बनाकर कानूनी लड़ाई में साथ दे रहा है हरियाणा का ये किसान परिवार!

29 साल के जितेन्द्र छत्तर जिंद प्रांत के किसान हैं। समाज की धारणा को ठुकराते हुए उन्होंने एक रेप पीड़िता से शादी करने का निर्णय लिया। अब वो अपनी पत्नी की न्याय पाने की लड़ाई में भी उनका बखूबी साथ निभा रहे हैं। जितेन्द्र ने अपनी पत्नी का दाखिला एक लॉ स्कूल में करा दिया है जिससे वो अपनी लड़ाई खुद लड़ सकें।