एक अखबार जिसके पत्रकार, संपादक और विक्रेता है फुटपाथ पर रहनेवाले मासूम बच्चे !

देश में लाखो मसले है, जिनमे से एक है बालमजदूरी और उससे जुडी हुई मजबूरियां। जब फुटपाथ पर रह रहे कुछ बच्चो ने देखा कि किसी अखबार या मीडिया में उनकी समस्याओ के लिए कोई जगह नहीं है, तब उन्होंने अपनी बात आप तक पहुंचाने के लिए स्वयं ही एक अखबार चलाना शुरू कर दिया। आईये जाने इन बच्चो के इस अखबार के बारे में !