बाहुबली का महिष्मति साम्राज्य, भारत के इस प्राचीन शहर के नाम पर आधारित है!

ऐतिहासिक अभिलेखों के मुताबिक, महिष्मति एक मध्यवर्ती भारत में स्थित एक शहर था , जो अब मध्य प्रदेश नामक राज्य बन गया है। कई अभिलेखों और साथ ही कहानियों में भी इस शहर का उल्लेख मिलता है, जो यह बताते हैं कि यह एक शहर और एक एक समय में सामाजिक-राजनीतिक केंद्र था।

सतत विकास की और बढ़ते कदम: 15 ऐसे गाँव जिन्हें देखकर आपका मन करेगा अपना शहर छोड़ यहाँ बस जाने को!

कुछ गाँव ऐसे है जो सुविधाओं में किसी शहर से कम नहीं है पर उनके मूल में वही भारतीय ग्रामीण संस्कृति बसती है। यह कुछ ऐसे गाँव है जो ना सिर्फ अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति में पूरी तरह से आत्मनिर्भर है, साथ ही मानव जाति व प्रकृति के बीच किस तरह अद्भुत सामंजस्य बनाया जा सकता है, इसकी मिसाल पेश करते हैं।

एक डॉक्टर, जिन्होंने अपने गाँव में 11 डैम बनवाकर किया सूखे का इलाज!

डॉ अनिल जोशी ने अपने मरीजों की मदद करने का बीड़ा उठाया और एक आयुर्वेदिक डॉक्टर से जल सरंक्षणवादी बन गए।

इस क्रिकेट खिलाड़ी ने 3 बच्चो की जान बचाते हुए दे दी अपनी जान !

उन्होंने देखा कि एक 12 साल की बच्ची ढहती हुयी इमारत के निचे खड़ी थी। तभी बबलू ने तुरंत दौड़कर बच्ची को बचा लिया। बबलू ने और एक बच्चे को भी बचा लिया और तीसरे बच्चे को बचाने के लिये कूद पड़े। दुर्भाग्यवश तिसरे बच्चे को बचाते हुए बबलू को खुद की जान जोखिम में डालनी पड़ी।

इस राखी में लगे बीज को बोयियें और जुड़े रहिये इन्हें बनाने वाले किसानो और बुनकरों से !

ग्राम आर्ट प्रोजेक्ट ने खास राखियाँ तैयार की हैं जो उन्हें बनाने वाले कामगरों की कहानी कहती हैं। पहली बार ग्राहक उन किसानो से जुड़ेंगे जिन्होंने इस राखी के लिए कपास उगाया है और उन बुनकरों को जानेगे जिन्होंने इसके धागे बुने है।

राईड ऑफ होप – कैंसर के मरीजों को जीने की कला सीखाता 26 साल का युवक !

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का अगर किसी को पता चल जाये, तो आदमी जीने की उम्मीद छोड़ देता है़ उसके मन में सिर्फ यही आता है कि अब जिंदगी समाप्त हो गयी है़। लेकिन हौसला हो तो कैंसर को भी मात दिया जा सकता है़।

अंधी माँ को कंधे पर उठाकर बीस वर्षो से चल रहे है जबलपुर के कैलाश गिरी !

देखने में असमर्थ एक माँ नें जब अपने बेटे के आगे चारो धाम घूमने की इच्छा ज़ाहिर की, तब उस बेटे ने इस इच्छा को आज्ञा माना और निकल पड़ा उन्हें ले कर चार धाम की यात्रा पर। नहीं, यह युगों पुरानी श्रवण कुमार की कहानी नहीं है। यह आज के उस सच्चे मातृभक्त की कहानी है जो पिछले 20 वर्षो से अपनी माँ को कंधे पर टांग विभिन्न धार्मिक स्थलों की सैर करवा रहा है। आइये मिलते हैं 50 वर्षीय जबलपुर, मध्य प्रदेश के निवासी कैलाश गिरी से।

परंपरा की बली चढ़ती लड़कियों की मदद कर रही है ‘संवेदना’!

मध्य प्रदेश का बेदिया समुदाय हर लड़की के जन्म पर उत्सव मनाता है –पर यहाँ वजह कुछ और ही है। एक संस्था- 'संवेदना' ने पहल की है और बीड़ा उठाया है इस समुदाय को शिक्षा एवं जीविका के दूसरे विकल्प प्रदान करने का। आईये देखे कैसे -

स्कालरशिप के पैसो से शौचालय बनाकर गाँव को दी स्वच्छता की मिसाल!

ग्रामीण सभ्यता की अधिकता के कारण हमारे देश में घने जंगल, खुले मैदान एवं जल की उपलब्धता बनी हुई है जिसके कारण खुले में शौच करना बदस्तूर जारी है। लाखों गाँवो की तरह मध्य प्रदेश के गाँव गुरारिया की भी यही स्थिति है। और इस व्यवस्था को नकारने की हिम्मत दिखाई इस गाँव की २१ वर्षीय छात्रा अनीता ने।