‘अनुभव’ – चेन्नई की बाढ़ में मैंने बहुत कुछ खो दिया पर ये अनुभव मुझे बहुत कुछ सिखा भी गया !

चेन्नई में आई बाढ़ में हमारा घर तबाह हो गया। हम दो दिन तक मदद की उम्मीद में बैठे रहे। बरसो की जमाई पूंजी ख़त्म हो गयी पर फिर भी इस बाढ़ ने हमें इंसानियत और नेकदिली पर भरोसा करना सिखाया !

आपदाओं के लिए देश को तैयार करने, अपना उज्जवल भविष्य छोड़, भारत लौट आया यह एन आर आई !

हम सभी ऐसे किसी न किसी व्यक्ति को तो जानते ही होंगे, जिसने पैसे, शोहरत और कैरियर के लिए दूसरे देश जाने का निर्णय लिया होगा। पर हम में से ऐसे कितने हैं जो किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं, जो अपने उज्जवल भविष्य और पैसे को अहमियत न देकर, अपने लोगों के लिए कुछ करने की तमन्ना लेकर भारत लौट आया हो। ऐसे ही एक व्यक्ति से हम आपको मिलवाते हैं, जिनका नाम है, हरी बालाजी।