कैंसर ने दृष्टि छीनी, पर आईएएस बनने के सपने की ओर बढ़ रही हैं नागपुर की भक्ति घटोळे!

नागपुर की भक्ति घटोळे की नौ साल की उम्र में ही कैंसर ने दृष्टि छीन लीं, लेकिन फिर भी उनके सपने और जुनून ने उन्हें रुकने नहीं दिया और आज भक्ति सफलता के स्तम्भ स्थापित करते हुए अपने आइएएस बनने के सपने की ओर बढ़ रही हैं।

34 साल की उम्र में माँ बनी दसवी में टॉपर, बेटे ने दुहराया इतिहास!

गरीबी के कारण आठवी कक्षा के बाद पढाई छोड़ चुकी ज्योती ने आखिर 34 साल की उम्र में , दो बच्चो की माँ बनने के बाद टॉपर बनकर दसवी पास की। पर उनके लिए असल गौरव का क्षण तब था जब उनके बेटे ने भी उसी स्कूल में इस साल दसवी में टॉप कर के उनका इतिहास दुहराया। आईये जाने इस टॉपर माँ- बेटे की कहानी।

हाथ नहीं है इसलिए पैरों से डालते हैं वोट, केरला के आब्दु समद !

हम सब बदलाव की बात तो बहुत करते हैं, लेकिन जब बदलाव के लिए कदम उठाने का असल वक्त आता है तो घर बैठकर छुट्टी मना रहे होते हैं। हर दिन खीज और झल्लाते परिस्थितयों को बदलने के लिए हम एक बटन दबाने के लिए घरों से नहीं निकलते हैं।

हाँ, मुझे सेरिब्रल पाल्सी है पर मैं आप सभी से अलग नहीं हूँ !

बचपन से ही सेरिब्रल पाल्सी से गेअस्त राजवी ने कभी अपनी शारीरिक कमी को अपनी इच्छाशक्ति के आड़े नहीं आने दिया। जीवन के कई उतार चढ़ाव और संघर्षो से जूझने के बाद आज राजवी स्वयं अपने पैरो पर कड़ी है और लाखो लोगो के लिए एक मिसाल है !