सरकार को नोटबंदी का सुझाव देने वाले बोकिल अब कर रहे हैं टैक्स बंदी का दावा!

अनिल बोकिल ने अब दावा किया है कि सरकार जल्द ही उनके दुसरे सुझाव को भी अपनाएगी और बाकी सभी करो को खारिज कर केवल बैंकिंग ट्रांजेक्षण टैक्स (बीटीटी) यानी की बैंक में किये आदान प्रदान पर कर जारी करेगी।

नोटबंदी से बिलकुल प्रभावित नहीं है ये छोटा सा गाँव – जानिये कैसे!

पांच सौ और हज़ार रूपये के नोटों को बंद हुए एक हफ्ता गुज़र चूका है पर लोग अभी भी अपने पुराने नोट न बदले जाने से परेशान है। काले धन पर लगाम कसने की प्रधानमंत्री की इस मुहीम का लोग जमकर साथ तो दे रहे है पर कहीं न कहीं इस कदम से पनपी असुविधाओं से अब हताश भी हो चले है। पर ऐसे में एक गाँव ऐसा है जो नोटबंदी के इन दुष्परिणामो से बिलकुल अछुता है। ये गाँव है हमारे देश का पहला डिजिटल गाँव, अकोदरा!

इस कैब ड्राईवर के जवाब ने साबित कर दिया कि हिन्दुस्तानी हर मुश्किल में साथ है!

जहाँ पुरे देश ने भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रधानमंत्री की इस कड़ी पहल का स्वागत किया वहीँ कई ऐसे लोग भी थे जिन्हें इस फैसले की वजह से कई मुसीबतों का सामना करना पडा। ऑटो चालक, पेट्रोल पंप तथा छोटी दुकानों पर जहाँ दुकानदारों के 500 और 1000 के नोट लेने से मना कर देने से लोग मुश्किल में पद गए वही सोशल मीडिया पर एक ओला कैब ड्राईवर की दरियादिली की कहानी खासी चर्चित रही।

‘आजादी’ के असल मायने साकार करती झारखंड की ग्रामीण महिलाएं!

गांव की इन महिलाओं ने आजादी को अपना ब्रांड बनाया है। आईए हम और आप इन महिलाओं से जुड़कर इनके गरीबी मुक्त झारखण्ड के सपने को धरातल पर उतारने में मदद करें और इस स्वतंत्रता दिवस par इनके ब्रांड - 'आजादी' को प्रोत्साहित करें।

बिहार की इस महिला ने घर में शौचालय बनवाने के लिए गिरवी रखा अपना मंगलसूत्र !

बिहार के सासाराम में एक छोटे से गाँव बारहखन्ना की एक महिला ने शौचालय बनवाने के लिए अपना मंगलसूत्र गिरवी रख दिया। उनके इस जज्बे को देखकर जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया और उनके इस कदम से प्रभावित होकर उन्हें जिले के स्वच्छता कार्यक्रम का ब्रांड एम्बेसडर बना दिया।

क्यूँ उगा रहे है किसान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चेहरा अपने खेत में?

किसान - इस शब्द से जो सबसे पहला ख्याल हमारे मन में आता है वो है गरीबी, भुखमरी और ...आत्महत्या ! हम सब इस तस्वीर को बदलना चाहते है लेकिन उसके लिए हमे उनकी समस्या के जड़ तक पहुंचना होगा। इसी काम को करने के लिए कलाकारों का एक दल पिछले छह महीनो से मध्य प्रदेश के पारडसिंगा नामक गाँव में युवा किसानो के साथ मिलके खेती कर रहा है। पर ये खेती दाल, चावल या सब्जियों की नहीं है बल्कि एक सन्देश की है। एक सन्देश देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नाम।

विकलांग नहीं दिव्यांग है नीतू !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल 'मन की बात' में देशवासियों से अपाहिज की जगह 'दिव्यांग' शब्द का उपयोग करने का आग्रह किया है। क्यूंकि इनमे दिव्य शक्तियां होती है। आज हम आपको एक ऐसी ही दिव्यांग से रुबरू कराने जा रहे है, जिसने बुरे वक्त में भी अदम्य इच्छाशक्ति और साहस के बूते पे ये साबित किया है कि वो सचमुच दिव्यांग है।