अपने बेटे की मृत्यु के बाद, पुणे की इस महिला ने अपने दिल और घर के दरवाजे जख्मी पशुओं के लिए खोल दिए!

पद्मिनी स्टम्प और डॉ रवींद्र कासबेकर—पुणे के रहने वाले ये दोनों पशु-प्रेमी मानवता के सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। इनकी पहल, "मिशन पॉसिबल" एक ट्रस्ट हैं जो बेघर जानवरों को बचाता है और उनका इलाज और देखरेख भी करता है। उनका लक्ष्य है कि विदेशी पालतुओं की बजाय इन आवारा पशुओं पर ज्यादा ध्यान दिया जायें और उन्हें एक प्यारा घर मिले।

पुणे के प्रकाश केलकर, किसानो और सैनिकों को दे रहे है अपने जीवन भर की पूँजी!

भारत में अधिकतर लोगो को बचत करने की आदत है। जहाँ इस बचत का एक हिस्सा बच्चो की पढाई, शादी और अन्य खर्चो के लिए रखा जाता है, वहीँ इसका एक बड़ा हिस्सा हम अपने बुढापे के लिए संभाले रखते है। पुणे के रहने वाले 73 वर्षीय प्रकाश केलकर ने भी अपनी सारी उम्र यहीं किया।लेकिन अब उन्होंने अपनी सारी कमाई जवानों, किसानों और कुछ एनजीओ को देने का फैसला किया है।

येरवडा जेल के किशोर अपराधियों को जीना सिखा रही हैं 21 वर्षीय नीतिका !

पुणे में एक छात्रों का समूह येरवडा जेल के किशोर अपराधियों के सुधार और कल्याण के लिए काम कर रहा है। इन बच्चों की काउंसलिंग से लेकर आत्मविशवास बढाने की गतिविधियों से इन्हें बाहरी दुनियां का सामना करने की ताक़त मिल रही है।

सेल्फी लेने से लेकर घर जाकर मिलने तक – जानिये क्या क्या कर रही है दिल्ली और पुणे पुलिस, हमारे बुजुर्गो के लिए !

पुणे एवं दिल्ली की पुलिस वरिष्ट नागरिकों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठा रही है और उन्हें अपनी परिशानियों और समस्यायों को बताने का मौका दे रही है। पुलिस न केवल उनकी समस्याओं को सुन रही है बल्कि जहाँ तक सम्भव हो उन्हें सुलझाने की भी कोशिश कर रही है।

पुणे से एस्टोनिया तक बस एक विचार को साथ लिए बदलाव की नयी परिभाषा लिख रहे है तरुण !

ज़रूरी नहीं कि हमारे पास कई संसाधन हों या कोई बड़ा प्लान दिमाग में हो। अच्छाई इनके बिना भी बांटी जा सकती है। ज़रूरत है सिर्फ एक नेक सोच और एक वाक्य "- you're perfect" की, जो हर राह चलते आम इंसान के अन्दर ये आत्मविश्वास पैदा करे कि वे जैसे हैं.. वैसे ही अच्छे हैं.. । बिना किसी धारणा के, बिना किसी पक्षपात के।