पेशे से सीए रह चुकी देविका, पशुओं के संरक्षण के लिए बना रही है चमड़ा-मुक्त जूते!

पशुओं के प्रति प्रेमभाव रखने वाली देविका ने जब भारत में चमड़े और कैनवस जूतो के बीच की खाई को देखा तो उन्होने अपना पेशा छोड़ हमे चमड़े की जगह एक बेहतर उत्पाद उपलब्ध कराने की ठानी और अपना खुद का एक  ब्रांड स्थापित किया।

अपने बेटे की मृत्यु के बाद, पुणे की इस महिला ने अपने दिल और घर के दरवाजे जख्मी पशुओं के लिए खोल दिए!

पद्मिनी स्टम्प और डॉ रवींद्र कासबेकर—पुणे के रहने वाले ये दोनों पशु-प्रेमी मानवता के सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। इनकी पहल, "मिशन पॉसिबल" एक ट्रस्ट हैं जो बेघर जानवरों को बचाता है और उनका इलाज और देखरेख भी करता है। उनका लक्ष्य है कि विदेशी पालतुओं की बजाय इन आवारा पशुओं पर ज्यादा ध्यान दिया जायें और उन्हें एक प्यारा घर मिले।