अपनी घरेलू सहायक के साथ मिलकर सैकड़ों गरीब बच्चों को पढ़ा रही है नोयडा की मीना निझवान!

हममें से शायद ही कोई होगा जो समाज को कुछ देने की ख्वाहिश न रखता हो। हम सब सामाजिक मदद करना चाहते हैं, लेकिन अक्सर अकेले होने की वजह से या कहाँ से शुरू करें इन सवालों से जूझते रहते हैं। और अपने रोजमर्रा की ज़िन्दगी में खो जाते हैं। ये कहानी आपके इन सवालों को रास्ता दिखाएगी।

नीरजा भनोट की अनोखी  कहानी –एक विमान परिचारिका जिसने ३६० जानें बचाई।

सितम्बर १९८६ में आतंकवादियों ने कराची में एक हवाई जहाज का अफहरण कर लिया। इस विमान की मुख्य परिचारिका, नीरजा भनोट ने अपने अदम्य साहस से ३६० यात्रियों की जान बचाई और तीन बच्चो को बचाते हुए स्वयं शहीद हो गयी। इस वीरता के लिए उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से नवाज़ा गया। आईये जाने नीरजा की कहानी!