उंगलियाँ गंवाने पर भी नहीं छोडा मोची का काम; साहस और स्वाभिमान की मिसाल है दिल्ली के दिनेश दास!

दिनेश पेशे से मोची है और दिल्ली के द्वारका इलाके के एक सड़क के किनारे बैठकर पिछले बीस सालो से अपना काम करते आ रहे है। चाहे होली हो या दिवाली, चाहे ईद हो या क्रिसमस, सड़क के इसी धुल भरे किनारे पर दिनेश आपको धुप, बारिश, सर्दी या गर्मी में अपना काम करते नज़र आ जायेंगे। पर जो नज़र नहीं आएँगी वो है उनकी उँगलियाँ।