पेशे से सीए रह चुकी देविका, पशुओं के संरक्षण के लिए बना रही है चमड़ा-मुक्त जूते!

पशुओं के प्रति प्रेमभाव रखने वाली देविका ने जब भारत में चमड़े और कैनवस जूतो के बीच की खाई को देखा तो उन्होने अपना पेशा छोड़ हमे चमड़े की जगह एक बेहतर उत्पाद उपलब्ध कराने की ठानी और अपना खुद का एक  ब्रांड स्थापित किया।

स्वच्छता का वादा और औरतों का साम्मान करने पर मुफ्त सवारी करवाते है नॉएडा के ये ऑटोचालक!

देश में स्वच्छता मिशन की लहर पिछले दो सालो से काफी तेजी से फैला है। ऐसे में कई नागरिक ऐसे है जो अपने छोटे-छोटे कदमो से देश को स्वच्छ बनाने की मुहीम में जुट गए है। इनमे से एक नॉएडा के ऑटो चालक सचिन शर्मा भी है। इन्होने देश को स्वच्छ बनाने का सन्देश लोगो तक पहुंचाने का एक अनोखा तरीका ढूंड निकाला है। नए साल की शुरुआत उन्होंने अपने यात्रियों को रात 12 बजे और सुबह 4 बजे के बीच मुफ्त में उनकी मंजिल तक पहुंचा कर की। पर शर्त ये थी कि यात्रियों को उनसे ये वादा करना था कि वे देश को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान देंगे।

जन्मतिथि विशेष : मिर्ज़ा ग़ालिब की कुछ-सुनी अनसुनी शायरी और उनके पीछे का दर्द!

मिर्ज़ा ग़ालिब के उल्लेख के बगैर उर्दू शायरी की दुनियां अधूरी है। पर शायरी की दुनियां को आबाद करने वाले इस शानदार शायर की ज़्यादातर नज्मे दर्द से भरी हुई है। और ये दर्द उन्हें और कही से नहीं बल्कि अपने ही जीवन से मिला।

उंगलियाँ गंवाने पर भी नहीं छोडा मोची का काम; साहस और स्वाभिमान की मिसाल है दिल्ली के दिनेश दास!

दिनेश पेशे से मोची है और दिल्ली के द्वारका इलाके के एक सड़क के किनारे बैठकर पिछले बीस सालो से अपना काम करते आ रहे है। चाहे होली हो या दिवाली, चाहे ईद हो या क्रिसमस, सड़क के इसी धुल भरे किनारे पर दिनेश आपको धुप, बारिश, सर्दी या गर्मी में अपना काम करते नज़र आ जायेंगे। पर जो नज़र नहीं आएँगी वो है उनकी उँगलियाँ।

नोट बंदी के बाद अपनी दरियादिली से लोगो का दिल जीत रहे ये लोग!

पुराने पांच सौ और हज़ार के नोट बंद हो जाने से जहाँ आम जनता को कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है वहीँ आम भारतियों के बीच संयम और सोहार्द की कहानियां भी सामने आ रही है। देश में काले धन के खिलाफ इस जंग में अपना पूरा योगदान करते ऐसे ही तीन कहानियां आज हम आपके सामने ला रहे है।

दिल्ली के अखाड़े से लेकर ‘दंगल’ तक – महावीर सिंह फोगाट की कहानी!

इस साल की सबसे प्रतीक्षित फिल्म 'दंगल' के कुछ अंश देखकर ही दर्शको में खासा उत्साह है। और हो भी क्यूँ ना? हाल ही में साक्षी मलिक के रिओ ओलंपिक्स में फ्रीस्टाइल कुश्ती में पहला पदक जीतने के बाद, इस खेल में सभी की दिलचस्पी बढ़ गयी है। और जब कुश्ती की बात आती है तो हर भारतीय को उन छह बहनों की याद ज़रूर आती है जिन्होंने देश का नाम हमेशा उंचा किया है। ये छह बहने है गीता फोगाट, बबिता फोगाट, विनेश फोगाट, प्रियंका फोगाट, ऋतू फोगाट और संगीता फोगाट।

शहीदों की याद में एक साल में एक लाख दस हज़ार पौधे लगा चुकी है ये गृहणी; आर्मी ने दिया साथ!

दिल्ली में रहने वाली 52 वर्षीय गृहिणी राधिका एक साल में अब तक एक लाख दस हजार फलो के पेड़ लगा चुकी हैं। इनमें आम, इमली, जामुन और कटहल के पेड़ शामिल हैं, जो उत्तर भारत, राजस्थान और महाराष्ट्र के आर्मी क्षेत्रों में लगाए गए हैं। इस कार्य को पूरा करने के लिए राधिका ने कुछ अपनी पूंजी और कुछ अपने मित्रों से आर्थिक सहायता प्राप्त की है और अब आर्मी भी उनके साथ है।

दिल्ली के स्ट्रीट फ़ूड को कुछ इस तरह सुरक्षित बना रही है ये संस्था!

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है, कि राह चलते किसी स्ट्रीट फ़ूड पर नज़र पड़ते ही आपकी भूख बढ़ गयी हो, पर आपने उस ठेले वाले के गंदे हाथ देखकर अपना इरादा बदल लिया और आगे बढ़ गए हों? ऐसी परेशानी से यह दुकानवाले अक्सर गुज़रते हैं, और इसी को दूर करने के लिए ' वन रूपी फाउंडेशन' नाम की संस्था ने इन लोगो में दस्ताने (gloves) बांटने की मुहीम चलायी है।

दिल्ली के फिरोज़ शाह कोटला का ये गुप्त खंडहर आज भी है लोगो की उम्मीद की वजह !

हर गुरूवार, फिरोज़ शाह कोटला का यह खँडहर वापस जीवित हो जाता है। लोग इस दिन अपनी छुपी हुई इच्छाएं यहाँ के वासी- जिन्नों को बताने के लिए दूर दूर से आते हैं।

दिल्ली के मंगोलपूरी इलाके में सेफ हाउस की मदद से अब महिलायें है बिलकुल सुरक्षित !

अगर आप दिल्ली के मंगोलपूरी इलाके से गुजरेंगे तो आपका ध्यान इस बात पर ज़रूर जायेगा कि यहाँ की महिलाएं किस तरह बेखौफ घर से बाहर निकलती है। उन्हें किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या परेशानी का डर नहीं सताता। पूरा इलाका सेफ-हाउस मैकेनिज्म (सुरक्षित-घर युक्ति) से वाकिफ है जिससे महिलाएं उत्पीड़न से सुरक्षित रहती है।

सेल्फी लेने से लेकर घर जाकर मिलने तक – जानिये क्या क्या कर रही है दिल्ली और पुणे पुलिस, हमारे बुजुर्गो के लिए !

पुणे एवं दिल्ली की पुलिस वरिष्ट नागरिकों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठा रही है और उन्हें अपनी परिशानियों और समस्यायों को बताने का मौका दे रही है। पुलिस न केवल उनकी समस्याओं को सुन रही है बल्कि जहाँ तक सम्भव हो उन्हें सुलझाने की भी कोशिश कर रही है।

IGNOU ने शुरू किया आर टी आइ (RTI) में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स !

इन्दिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) शीघ्र ही सूचना का अधिकार (RTI) में डिप्लोमा एवम् सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ करने जा रहा है। यह कोर्स जुलाई २०१६ एवम् जनवरी २०१७ में शुरू हो जाएंगे एवम् सभी केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य होंगे।

सीसी टीवी में कैद हुआ दिल्ली के युवको द्वारा महिला को बचाने का अद्भुत कारनामा!!

२० अगस्त की रात दिल्ली में एक विदेशी महिला पर आक्रमण हुआ। आक्रमणकारी ने उससे उसका फ़ोन छिनने का प्रयास किया तथा इसी क्रम में महिला को पीटने तथा उससे दुर्व्यवहार की कोशिश भी की । किन्तु समय रहते कुछ लडको ने उसके इस कुप्रयास को न सिर्फ विफल किया बल्कि इस आक्रमणकारी को जेल तक भी पंहुचा दिया।

बचे हुए खाने को फेंकने के बजाय भूखे लोगो तक पहुंचा रहे है फीडिंग इंडिया के हंगर हीरोज

एक आयोजन में भारी मात्रा में भोजन को बर्बाद होता देख अंकित क्वात्रा ने एक छोटी शुरुआत की और आज करीब २० शहरों में ७५० ‘हंगर हीरोज’ के सहयोग से, २.५ लाख ज़रुरत्मंद लोगो की भूख मिटाने में सफल हुए है ।

80 साल के मेडिसिन बाबा है गरीबो के मसीहा!

80 साल की उम्र में ये शख्स रोज़ 5 से 7 किलोमीटर चलकर घर घर जाकर दवाइयाँ इकटठा करते है। आईये मिलते है मेडिसिन बाबा से जिनका सपना है की वे उन लोगो के लिए मेडिसिन बैंक खोले जिनके पास दवाईयां खरीदने के पैसे नहीं होते।