अब आप ले सकते है मुंबई की टैक्सी में सफ़र का मज़ा भी और सीख सकते है एक अनोखी भाषा भी!

टैक्सी के फैब्रिक पर भारतीय सांकेतिक भाषा को अंकित करना बेहद ही रचनात्मक कल्पना है। आइये आज हम ऐसे ही एक डिज़ाइनर के बारे में जानते है जिसका मक्सद इस भाषा को प्रचलित करना ही नहीं बल्कि लोगो में इसे सिखने की चाह बढ़ाना भी है।