झारखण्ड की नयी भोजन वितरण योजना पहुंचाएगी करीब 70000 कमज़ोर आदिवासी परिवारों तक भोजन

पिछले दिनों राज्य सरकार द्वारा झारखण्ड के आदिवासी गाँवों तक हांथो हाथ खाना पहुंचाने की एक योजना लायी गयी। इसका मकसद करीब 70,000 अत्यधिक गरीब परिवारों तक राशन पहुंचाना है।

मिलिए झारखंड के एक ऐसे व्यक्ति से जिसने जुहू तट पर अब तक 50 जानें बचाई है!

बंटी राव, जुहू तट पर तैनात एक स्वयंसेवक लाइफ गार्ड है जो किसी भी आपात की स्थिति में आपकी मदद को तैयार रहता है ।

रांची में नेत्रहीन छात्राओं को स्कूल दे रहा कॉल सेंटर की ट्रेनिंग !

बृजकिशोर नेत्रहीन विद्यालय में छात्राओं को कॉल सेंटर में काम करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जल्द ही अब कॉल सेंटरों की बागडोर ये नेत्रहीन लड़कियां संभालेंगी। यह पूर्वी भारत का पहला और देश का दूसरा ऐसा नेत्रहीन बैच होगा जो कॉल सेंटर में आपकी मोबाइल सेवाओं संबंधी समस्याओं का समाधान करेगा।

20 साल इंतज़ार के बाद खुद ही सड़क बना रहे ग्रामीणों को अब चाहिए सरकार का थोड़ा सा सहारा!

झारखंड के हजारीबाग जिले में एक गांव है, लराही। भारत के ज़्यादातर गांवों की तरह पक्की सड़क का न होना यहाँ भी एक बुनियादी समस्या है। साल-दर-साल चुनावी मौसम में नेता ग्रामीणों से गाँव में सड़क बनवाने का वादा करते रहे और ये वादे बारिश के पानी की तरह बहते रहे। जब 20 साल तक सड़क बनाने की अर्जी नहीं सुनी गई तो गाँव वालो ने इस काम का बीड़ा खुद ही उठा लिया और लगभग पूरा भी कर दिखाया।

विकलांग नहीं दिव्यांग है नीतू !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल 'मन की बात' में देशवासियों से अपाहिज की जगह 'दिव्यांग' शब्द का उपयोग करने का आग्रह किया है। क्यूंकि इनमे दिव्य शक्तियां होती है। आज हम आपको एक ऐसी ही दिव्यांग से रुबरू कराने जा रहे है, जिसने बुरे वक्त में भी अदम्य इच्छाशक्ति और साहस के बूते पे ये साबित किया है कि वो सचमुच दिव्यांग है।