क्यूँ कभी बीमार नहीं पड़ते हरी और आशा – जाने इनकी जीवनशैली !

बाहर का तापमान 40 डिग्री होने के बावजूद भी यह दम्पति एक ऐसे घर में रह रहा है, जहा एक भी पंखा नहीं है। यह जगह एक जंगल की तरह विकसित है जहाँ किसी भी तरह का शहरी शोरगुल नहीं है। इन लोगों ने अपने लिए एक ऐसा माहौल बनाया है जो प्रकृति के बेहद करीब है। और इनकी इस कठोर परिश्रम का फल इन्हें अपने अच्छे स्वास्थ्य के रूप में मिला है। पिछले 17 सालो में इस दंपत्ति को एक बार भी दवाई की ज़रूरत नहीं पड़ी है।

एक व्यक्ति जिसने केरल में ३२ एकड़ बंजर ज़मीन को बना डाला एक लहलहाता जंगल !

ज़ों ज़्योनो द्वारा १९५३ में लिखी गयी कथा "द मैन हू प्लांटेड ट्रीज " एल्ज़ार्ड बूफीये नामक एक चरवाहे की कहानी है जिसने समस्त अल्पाइन घाटी में वृक्षारोपण कर, एक वन का पुन्हनिर्माण कर, उसे सजीव कर डाला था। यह तो हमें ज्ञात नहीं कि बूफीये कोई काल्पनिक किरदार है या वास्तविक, परन्तु इस कथा की तर्ज़ पर केरला के कासरगोड़ ज़िले में रहने वाले एक व्यक्ति ने यथार्थ में यह कर दिखाया। एक व्यक्ति जिसने बत्तीस एकड़ बंजर भूमि खरीद कर उसपर वृक्षारोपण किया और उसे हरा-भरा बना डाला।