अपनी दरियादिली के कारण जयललिता बन गयी लाखो लोगो की चहेती ‘अम्मा’!

ऐसा क्या था जो जयललिता को और राजनेताओं से अलग करता था? लोग इस कदर इनके दीवाने क्यूँ थे? कारण था उनका गरीबो के लिए उदार भाव।

आवारा पशुओं की जिंदगियाँ बचा रहा है मैजिक कॉलर !

अँधेरे से भी एक अलग जंग होती है। कई बार गलती हमारी नहीं होती बल्कि अँधेरे की गिरफ्त में आकर अनजाने में ही हम किसी की जान ले लेते हैं। अनजाने में की गयी इन गलतियों का अफ़सोस हमें ज़िंदगी भर कचोटता है। ऐसा आपके साथ भी कई बार हुआ होगा कि रात में सडक पर लेटे या अचानक से सामने आये जानवर से टक्कर में उसकी जान चली गयी हो। और गलती न होते हुए भी आपको नुकसान भुगतना पड़ा हो।

‘अनुभव’ – चेन्नई की बाढ़ में मैंने बहुत कुछ खो दिया पर ये अनुभव मुझे बहुत कुछ सिखा भी गया !

चेन्नई में आई बाढ़ में हमारा घर तबाह हो गया। हम दो दिन तक मदद की उम्मीद में बैठे रहे। बरसो की जमाई पूंजी ख़त्म हो गयी पर फिर भी इस बाढ़ ने हमें इंसानियत और नेकदिली पर भरोसा करना सिखाया !

दो साल पहले गुम हुआ वंश आख़िर डिजिटल इंडिया की सहायता से पहुँचा घर !!!

भारत में हर साल करीबन एक लाख बच्चे गुम हो जाते है। और अधिकतर गुमशुदा ही रह जाते है। वंश भी इन्ही में से एक बनकर रह जाता अगर वक़्त पर दृष्टी नामक संस्था ने टेक्नोलॉजी का सहारा लेकर उसे अपने घर न पहुँचाया होता।