पुस्तक समीक्षा – स्त्री की स्वतंत्रता की नई आवाज है अनुराधा बेनीवाल की ‘आज़ादी मेरा ब्रांड’!

हरियाणा की एक लड़की यूरोप गयी थी। वह पढने नहीं गयी, नौकरी करने भी नहीं गयी, न ही वह पर्यटक बन के गयी थी। वह आज़ादी की साँस महसूस करने गयी थी। एक साँस जिसका समय, स्थान, कारण, सब कुछ उसने तय किया था। उस लड़की का नाम है- अनुराधा बेनीवाल। राजकमल प्रकाशन ने अनुराधा की घुमक्कड़ी के संस्मरणों को एक किताब का रूप दे दिया है – 'आज़ादी मेरा ब्रांड'।

इस पर्यटक दिवस पर घुमे ताज महल और २०० अन्य जगहों पर मुफ्त !!!

पर्यटन सिर्फ मनोरंजन का ही साधन नहीं बल्कि यह किसी भी देश के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक एवं आर्थिक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर साल २७ सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत में इस वर्ष २७ सितम्बर को करीब २०० स्मारकों और संग्रहालयों में प्रवेश निःशुल्क कर दिया गया है।