गोपीचंद की मेहनत और सिंधु की लगन ने आखिर भारत को दिलाया रजत पदक!

हम सभी को हीरे की जगमगाहट आकर्षित करती है पर उसकी जगमगाहट के पिछे जिसका हाथ है उस जौहरी पर अक्सर हमारी नज़र भी नहीं पड़ती । हीरे की जगमगाती ख़ूबसूरती के पीछे एक जौहरी के सधे हुए हाथ, धैर्य , मेहनत और लगन होती है। ठीक इसी तरह रियो ओलंपिक्स 2016 में भारतीय महिला बैडमिंटन की शटलर क्वीन पी. वी. सिंधु के तूफानी प्रदर्शन के पीछे उनके गुरु, कोच पुलेला गोपीचंद की कड़ी मेहनत और सिन्धु पर दिखाए अपार विश्वास का हाथ है।