हैदराबाद पुलिस !! गणपति का त्यौहार !! और छः अनाथालय !! जानिए कैसे जुड़े ये तीनो !

सन १८९३ में जब लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने देशवासियों को एकत्रित करने के लिए गणेशोत्सव को सार्वजानिक रूप से मनाने की सोची होगी, तब उन्होंने भी इस बात की कल्पना नहीं की होगी कि इस उत्सव का सदुपयोग कुछ इस प्रकार भी किया जा सकता है।