बिना किसी डिग्री के छोटे छोटे आविष्कार करके गिरीश बद्रगोंड सुलझा रहे है किसानो की मुश्किलें !

बीजापुर जिल्हे के २८ वर्षीय गिरीश बद्रगोंड २००६ जब बंगलुरु आये, तब उनके साथ एक लैपटॉप, वायरलेस राऊटर और जेब में कुछ पैसे थे। पर आज उन्होंने कृषि क्षेत्र में काम आने वाले कई उपकरणों का आविष्कार करके खेती- किसानी को एक नयी राह दिखाई है।