गरीबी से लेकर अपंगता भी नहीं रोक पाई मरियप्पन को स्वर्ण पदक जीतने से!

हम असफलता के बहाने खोजते हैं, कभी अपनी रूकावट का दोष परिस्थितियों को, तो कभी हादसों के सिर मढ़ते रहते हैं। परिस्थितियों और हादसों से लड़कर मंजिलें पाने वालों को देखकर हमें एहसास होता है कि इनके मुकाबले हमारी परिस्थितियां तो कुछ भी नहीं थीं। ऐसी ही कहानी है हमारे नायक मरियप्पन की जिन्होंने पैरालंपिक में भारत को एतिहासिक पदक दिलाया।