अंधी माँ को कंधे पर उठाकर बीस वर्षो से चल रहे है जबलपुर के कैलाश गिरी !

देखने में असमर्थ एक माँ नें जब अपने बेटे के आगे चारो धाम घूमने की इच्छा ज़ाहिर की, तब उस बेटे ने इस इच्छा को आज्ञा माना और निकल पड़ा उन्हें ले कर चार धाम की यात्रा पर। नहीं, यह युगों पुरानी श्रवण कुमार की कहानी नहीं है। यह आज के उस सच्चे मातृभक्त की कहानी है जो पिछले 20 वर्षो से अपनी माँ को कंधे पर टांग विभिन्न धार्मिक स्थलों की सैर करवा रहा है। आइये मिलते हैं 50 वर्षीय जबलपुर, मध्य प्रदेश के निवासी कैलाश गिरी से।