कभी 40 कम्पनियों से नकारे गए थे ये इंजिनियर; आज हैं एक सफल स्टार्ट अप के मालिक!

'पढ़ेगा इंडिया' साउथ दिल्ली में सेकेण्ड हैण्ड किताबें ऐसे लोगों तक पहुंचा रहा है जिनके पास महँगी किताबें खरीदने की क्षमता और दुर्लभ किताबों तक पहुँच नहीं है.

अपनी आधी तनख्वाह गरीब छात्रों की किताबो में खर्च कर देता है यह कोलकाता का यह शिक्षक !

हावड़ा के सरकारी स्कूल में टीचर ध्रुबज्योति सेन अपनी तनख्वाह के आधे पैसे से ऐसे बच्चों को पढ़ने में मदद करते है। ध्रुबज्योति गणित पढ़ाते हैं और ऐसे बच्चों के लिए आज हरदम तैयार खड़े हैं। दसवीं पास कर चुके ऐसे छात्र जो विज्ञान में रुचि रखते हैं, उन्हें ध्रुबज्योति निशुल्क पढ़ाते हैं।