[विडियो]: कैसे होते हैं हिन्दुस्तानी मुस्लमान? आईये जानते है!

अक्सर ये सवाल उठता है कि एक हिन्दुस्तानी मुसलमान कितना हिन्दुस्तानी है? क्या वो पहले मुसलमान है या पहले हिन्दुस्तानी? इसी सवाल का जवाब कोम्युन के मंच पर हुसैन हैदरी ने दिया है।

यशपाल की कहानी : ‘अखबार में नाम’!

बचपन से ही गुरदास को अपना नाम अखबार में छपवाने की बड़ी इच्छा थी। किसी भी बहाने गुरदास अपना नाम अखबार में छपवाना चाहता था। उसकी ये इच्छा कैसे पूरी हुई, पढ़िए यशपाल की लिखी कहानी- 'अखबार में नाम' में!

पढ़िए, पं. भगवतीप्रसाद वाजपेयी की लिखी कहानी – ‘मिठाईवाला’!

रोहिणी अचंभित है कि आखिर उसके गाँव में आनेवाला फेरीवाला कभी खिलौने बेचता है तो कभी मुरली और अंत में मिठाई बेचने लगता है। पर जो भी चीज़ वो लाता है, वह बहुत ही सस्ते दाम पर बेचता है। आखिर एक दिन रोहिणी उससे पूछ ही लेती है कि वह ऐसा क्यूँ करता है। कारण जानकार आपकी भी आँखे भर आएँगी!

ईद मुबारक! इस ईद पर पढ़िए प्रेमचंद की कहानी – ‘ईदगाह’ !

पढ़िए मुंशी प्रेमचंद की कहानी 'ईदगाह'. और लौट चलिए बचपने की ईद में, जहाँ ईदगाह पर ईद के जश्न का मेला लगा है और हामिद नया कुर्ता पहनकर मेला देखने आया है. हामिद के साथ-साथ आप मेले से उसकी दादी के आंसुओं तक का सफ़र करेंगे. ईद पर लिखी गयी बड़ी प्यारी सी हिंदी की ये कालजयी रचना है।