कश्मीर में सेना ने शुरू किया ‘स्कूल चलो’ अभियान !

भारतीय थल सेना ने एक दिल को छुने वाली मुहीम की शुरुआत की है। इस मुहीम के तहत सेना के जवान कश्मीर के बच्चो को पढाई तथा खेल कूद के लिए प्रेरित करते है। 'स्कूल चलो' नामक इस मुहीम में बच्चो को मुफ्त शिक्षा दी जाती है।

भारत-पकिस्तान सीमा पर बसे तीन बच्चो की दोस्ती की कहानी!

कहते है बच्चे भगवान् का रूप होते है। और भगवान् की कभी किसीसे कोई दुश्मनी नहीं होती; उनके लिए सब एक जैसे होते है। भारत- पकिस्तान की दुश्मनी की खबरों के बीच ऐसे ही कुछ बच्चो की कही कुछ बाते हर किसी के दिलों को छु रही है।

ISRO द्वारा बनाए इस उपग्रह की मदद से हुआ सफल भारतीय सेना का सर्जिकल स्ट्राइक !

सर्जिकल स्ट्राइक, दुश्मन पर किये आम हमलो से बहुत अलग होता है। इस तरह के हमले में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है कि केवल लक्ष्य पर ही हमला हो और बाकि जानोमाल को कोई हानि न पहुंचे। इसके लिए सेना को बिलकुल सटीक और उच्च स्तरीय जानकारी की ज़रूरत होती है। और यही काम किया कारटोसैट सीरीज ने।

कश्मीर में उपद्रव के बीच, 40 किमी पैदल चलकर, घायलों के इलाज के लिए अस्पताल पहुंची ये नर्स !

रविवार को कश्मीर में हिंसा और तनाव फैला हुआ था। दुकानों के शटर गिरे हुए थे, सड़के पत्थर ही पत्थर नज़र आ रहे थे। खौफ के मारे लोग अपने घरों में ही छुपे बैठे थे। ऐसे हालात में दो नर्सें 40 किलोमीटर पैदल चलकर ड्यूटी करने अस्पलात पहुँचीं।

अमरनाथ यात्रियों की बस दुर्घटनाग्रस्त हुई तो कर्फ्यू तोड़ कर बचाने पहुंचे कश्मीरी मुसलमान !

स्थानीय मुसलमानों ने जब अमरनाथ यात्रियों की चीखें सुनी तो उनकी मदद के लिए भागे। वहीं उन्हें पानी और फर्स्ट-एड उपलब्ध कराया गया। हिंसाग्रस्त क्षेत्र में कर्फ्यू को तोड़ते हुए अपने निजी वाहनों में वे घायलों को अस्पताल ले गए।

दोनों हाथ खोने के बाद भी, जम्मू-कश्मीर स्टेट क्रिकेट टीम के लिए खेलते है आमिर!

आमिर हुसैन लोन उस वक्त महज़ आठ साल के थे जब एक दुर्घटना में उन्हें अपने दोनों हाथ गंवाने पड़े। आज, २६ वर्ष की आयु में, वह जम्मू कश्मीर की राज्य पैरा क्रिकेट टीम (state para-cricket team) के कप्तान है।