पानी की हर एक बूंद बचाने के लिए खुद घर घर जाते है ८० साल के आबिद सुरती!

“अगर मैं कर सकता हूँ, तो आप भी कर सकते है। ” ये शब्द हैं अस्सी वर्षीय आबिद सुरती के। आबिद हर रविवार मुंबई के अपार्टमेंट एवं बिल्डिंगों के चक्कर काटते हैं पानी की हर उस बूँद को बचाने, जो कहीं भी टूटी हुई नल से बर्बाद हो रहा हो।