दिल्ली के अखाड़े से लेकर ‘दंगल’ तक – महावीर सिंह फोगाट की कहानी!

इस साल की सबसे प्रतीक्षित फिल्म 'दंगल' के कुछ अंश देखकर ही दर्शको में खासा उत्साह है। और हो भी क्यूँ ना? हाल ही में साक्षी मलिक के रिओ ओलंपिक्स में फ्रीस्टाइल कुश्ती में पहला पदक जीतने के बाद, इस खेल में सभी की दिलचस्पी बढ़ गयी है। और जब कुश्ती की बात आती है तो हर भारतीय को उन छह बहनों की याद ज़रूर आती है जिन्होंने देश का नाम हमेशा उंचा किया है। ये छह बहने है गीता फोगाट, बबिता फोगाट, विनेश फोगाट, प्रियंका फोगाट, ऋतू फोगाट और संगीता फोगाट।

बेटियों को समर्पित प्रसून जोशी की नयी कविता, जो आपसे पूछ रही है, “शर्म आ रही है ना?”

बरसो तक लड़-लड़ के एक-एक करके हमारी बेटियों ने सभी क्षेत्रो में अपना परचम फैराया है, फिर चाहे वो कला हो, राजनीति हो या खेल। हाल ही में हुए रिओ ओलिंपिक में देश का नाम रौशन करने वाली साक्षी मलिक, पी.वी. सिन्धु और दीपा करमाकर जैसी खिलाड़ी इस बात की जिंदा मिसाल है। इन्ही को और इनके ही जैसी देश की हर बेटी को समर्पित है प्रसून जोशी की नयी कविता, जिसे पढ़कर आप अपने आप से, अपने समाज से एक बार ज़रूर पूछेंगे,"शर्म आ रही है ना ?"

गोपीचंद की मेहनत और सिंधु की लगन ने आखिर भारत को दिलाया रजत पदक!

हम सभी को हीरे की जगमगाहट आकर्षित करती है पर उसकी जगमगाहट के पिछे जिसका हाथ है उस जौहरी पर अक्सर हमारी नज़र भी नहीं पड़ती । हीरे की जगमगाती ख़ूबसूरती के पीछे एक जौहरी के सधे हुए हाथ, धैर्य , मेहनत और लगन होती है। ठीक इसी तरह रियो ओलंपिक्स 2016 में भारतीय महिला बैडमिंटन की शटलर क्वीन पी. वी. सिंधु के तूफानी प्रदर्शन के पीछे उनके गुरु, कोच पुलेला गोपीचंद की कड़ी मेहनत और सिन्धु पर दिखाए अपार विश्वास का हाथ है।