जहाँ चाह वहाँ राह- शिक्षा से वंचित बच्चो के लिए बैठकगृह मे चलती पाठशाला!

ऋतु अब्भी इस बात की मिसाल है कि कुछ बड़ा करने के लिए बड़े-बड़े साधनो की ज़रूरत नही होती. अपने बैठकगृह को ही पाठशाला बनाकर ग़रीब और शिक्षा से वंचित बच्चो को ज्ञान का उपहार देती ऋतु अपने इस छोटे से कदम से कई ज़िंदगियाँ बदल रही है. यहाँ बच्चे अपने पाठ्यक्रम को बेहतर ढंग से समझने के साथ साथ, निःशुल्क, उच्च्स्तरिय शिक्षा का आनंद उठाते है.