रसगुल्ला : मिठास, विवाद, इतिहास और कुछ रोचक बातें!

कोलकाता की गलियाँ हो, या पूरी का मंदिर या फिर राष्ट्रपति भवन के गलियारे, रसगुल्ला भारत के सबसे अधिक लोकप्रिय मिष्ठानो में से एक रहा है। एक ओर जहाँ बंगाली इसे अपनी धरोहर मानते हैं, वहीँ दूसरी ओर उड़िया इसे अपना आविष्कार! रोसोगोल्ला बोलें, या रोशोगोल्ला या फिर रसबरी, अन्य देशो में भी इस मिठाई ने अपने झंडे गाड़े हैं।

अब भुबनेश्वर की झुग्गियों में मिलेगा साफ़ पानी; वो भी एटीएम से!

हवा के बाद यदि जिंदा रहने के लिये किसी चीज़ की सबसे अधिक आव्यशकता होती है तो वो है -पानी! पर इंसान ने तरक्की के नाम पर जीवन यापन की इन दोनों सबसे ज़रूरी चीजों को ही दूषित कर दिया है। और अब हाल ये है कि किसी समय पर प्रकृति की अपार दें माना जाने वाले पानी को भी आज हम खरीदकर पीते है। पर क्या कभी आपने सोचा है कि जो लोग बमुश्किल दो वक़्त की रोटी कमा पाते है वो पानी कैसे खरीदते होंगे?

आंध्र प्रदेश के इस छोटे से गाँव के हर घर में है एक सैनिक!

माधवरम की भव्य राइफलों और हेलमेट युद्ध स्मारक के पीछे एक बेहद दिलचस्प दास्ताँ है। अमरावती से 150 किलोमीटर दूर पश्चिमी आंध्र प्रदेश के गोदावरी ज़िले की गोद में बसा एक छोटा सा गाँव है माधवरम। इस गाँव का अपने निवासियों को सैन्य सेवा में भेजने का एक अलग ही शानदार इतिहास है।

एक डॉक्टर जिसने कैंसर से लड़ाई में दान कर दी जिंदगी भर की कमाई!

यूं तो आपने बहुत सारे चिकित्सको के बारे में पढ़ा और सुना होगा लेकिन समाज के हित के लिए अपनी जिंदगी भर की कमाई एक अस्पताल के निर्माण के लिए दान कर दें, ऐसे चिकित्सक देश और दुनिया में विरले ही है।