‘दुनिया को हाथ की तरह गर्म और सुंदर होना चाहिए’ केदारनाथ सिंह की उम्मीद की कवितायेँ

केदार जी की कवितायेँ हमारे देश की जमीन की कवितायेँ हैं जहाँ परम्परा-आधुनिकता, सुख-दुःख, गाँव-शहर, खेत और बाजार एक दूसरे से बतियाते नज़र आते हैं। जीवन की तमाम चुनौतियों में उम्मीद की खोज करती प्रस्तुत हैं केदारनाथ जी की दो कवितायेँ-