ईद मुबारक! इस ईद पर पढ़िए प्रेमचंद की कहानी – ‘ईदगाह’ !

पढ़िए मुंशी प्रेमचंद की कहानी 'ईदगाह'. और लौट चलिए बचपने की ईद में, जहाँ ईदगाह पर ईद के जश्न का मेला लगा है और हामिद नया कुर्ता पहनकर मेला देखने आया है. हामिद के साथ-साथ आप मेले से उसकी दादी के आंसुओं तक का सफ़र करेंगे. ईद पर लिखी गयी बड़ी प्यारी सी हिंदी की ये कालजयी रचना है।

2015 में हुए दस ऐसे उदाहरण जो आपको यकीन दिलाएंगे कि भारत अब भी है ‘सारे जहाँ से अच्छा’ !

भारत वो नहीं जो हमें दिखाया जा रहा है, भारत वो है, जो हम अपने आस पास रोज़ देखते है। ऐसे ही जब हमने अपनी आँखे खोलकर देखने की कोशिश की तो हमें ऐसे उदाहरण दिखाई दिए जो इस बात का सबूत थे कि हमारा देश अब भी ‘सारे जहाँ से अच्छा’ है! आईये आप भी देखे २०१५ में हुए ऐसे १० उदाहरण जो आपको भी इस बात का यकीन दिलाएंगे।