ईद मुबारक! इस ईद पर पढ़िए प्रेमचंद की कहानी – ‘ईदगाह’ !

पढ़िए मुंशी प्रेमचंद की कहानी 'ईदगाह'. और लौट चलिए बचपने की ईद में, जहाँ ईदगाह पर ईद के जश्न का मेला लगा है और हामिद नया कुर्ता पहनकर मेला देखने आया है. हामिद के साथ-साथ आप मेले से उसकी दादी के आंसुओं तक का सफ़र करेंगे. ईद पर लिखी गयी बड़ी प्यारी सी हिंदी की ये कालजयी रचना है।