नीरजा भनोट की अनोखी  कहानी –एक विमान परिचारिका जिसने ३६० जानें बचाई।

सितम्बर १९८६ में आतंकवादियों ने कराची में एक हवाई जहाज का अफहरण कर लिया। इस विमान की मुख्य परिचारिका, नीरजा भनोट ने अपने अदम्य साहस से ३६० यात्रियों की जान बचाई और तीन बच्चो को बचाते हुए स्वयं शहीद हो गयी। इस वीरता के लिए उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से नवाज़ा गया। आईये जाने नीरजा की कहानी!