एक अनजाने फोन को सुनकर ये युवा पहुंचे 2 महीने से भूखी वृद्धा के पास; आज वह पूर्णरूप से स्वस्थ है।

चरन जिन्हें उनकी सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल ‘हेल्पिंग फोर्स फ़ाउंडेशन’ के अध्यक्ष और स्थापक के रूप में वर्णित करती है, जो आंध्र के विजियांगरम में जरूरतमंदों की मदद करता है, ने एक अनजान कॉल पर कार्यवाही करते हुये तुरन्त स्थल पर पहुँच कर उन महिला को कुपोषण स्थिति में पाया।

सतत विकास की और बढ़ते कदम: 15 ऐसे गाँव जिन्हें देखकर आपका मन करेगा अपना शहर छोड़ यहाँ बस जाने को!

कुछ गाँव ऐसे है जो सुविधाओं में किसी शहर से कम नहीं है पर उनके मूल में वही भारतीय ग्रामीण संस्कृति बसती है। यह कुछ ऐसे गाँव है जो ना सिर्फ अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति में पूरी तरह से आत्मनिर्भर है, साथ ही मानव जाति व प्रकृति के बीच किस तरह अद्भुत सामंजस्य बनाया जा सकता है, इसकी मिसाल पेश करते हैं।

आंध्र प्रदेश के इस छोटे से गाँव के हर घर में है एक सैनिक!

माधवरम की भव्य राइफलों और हेलमेट युद्ध स्मारक के पीछे एक बेहद दिलचस्प दास्ताँ है। अमरावती से 150 किलोमीटर दूर पश्चिमी आंध्र प्रदेश के गोदावरी ज़िले की गोद में बसा एक छोटा सा गाँव है माधवरम। इस गाँव का अपने निवासियों को सैन्य सेवा में भेजने का एक अलग ही शानदार इतिहास है।

मल उठाने वालो को सम्मान से जीना सिखाने वाले बेज़वाड़ा विल्सन को मिला रेमन मैगसेसे पुरस्कार !

बेज़वाड़ा विल्सन को इस साल, एशिया का नोबेल कहे जाने वाले प्रतिष्टित 'रेमन मैगसेसे पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें मानव मल साफ करने वाले श्रमिकों के उद्धाऱ के प्रति अपूर्व योगदान के लिए दिया गया। बेजवाड़ा कहते हैं कि वे तब तक संतुष्ट नहीं होंगे जब तक मल उठाने वाला आखिरी व्यक्ति भी अपना काम न छोड़ दे।

क्यूँ है आंध्र प्रदेश की नयी राजधानी, अमरावती, एक अनोखा शहर?

अमरावती - आंध्रप्रदेश की नयी राजधानी इन दिनों काफी चर्चा में है। आईये देखे क्या अनोखा है इस नए शहर में !

आंध्र प्रदेश के किसानो ने मिलकर प्रदेश के विकास के लिए दिए ३.५ लाख रुपये

आंध्र प्रदेश के कुछ किसानों ने आगे बढ़कर, प्रदेश की नयी राजधानी, अमरावती के विकास के लिये ३.५ लाख रुपये एकत्रित किये । शनिवार को इन किसानो ने मुख्यमंत्री श्री चंद्रबाबू नायडू को इस राशि का चेक प्रदान किया।